रायपुर, 7 अक्टूबर 2026

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन सेवाओं में हुए बदलाव का लाभ बिलासपुर के नवापारा, सिरगिट्टी निवासी मोहम्मद जावेद को मिला। संपत्ति की रजिस्ट्री के साथ ही ऑटोम्यूटेशन के माध्यम से उनका नामांतरण भी हो गया। इससे उन्हें नामांतरण के लिए अलग से तहसील कार्यालय जाने और आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ी। वहीं व्यापार विहार में शुरू हुए नए सर्वसुविधायुक्त पंजीयन कार्यालय से रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी उनके लिए अधिक सुविधाजनक हुई।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। तकनीक के माध्यम से रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रियाओं को जोड़ा गया है तथा नए पंजीयन कार्यालयों के जरिए सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जा रही है।

रजिस्ट्री के साथ ही हुआ नामांतरण

मोहम्मद जावेद ने बताया कि पहले संपत्ति का पंजीयन कराने के बाद नामांतरण के लिए अलग से तहसील कार्यालय जाना पड़ता था। प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे और नामांतरण होने का इंतजार भी करना पड़ता था।

इस बार रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण हो जाने से उन्हें इस पूरी दौड़भाग से राहत मिली और समय की बचत हुई। ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के तहत संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है, जिससे अलग से आवेदन और कार्यालयीन प्रक्रिया की आवश्यकता कम हो रही है।

व्यापार विहार के नए कार्यालय से बढ़ी सुविधा

मोहम्मद जावेद ने बताया कि पहले पंजीयन संबंधी कार्य के लिए नेहरू चौक स्थित कार्यालय जाना पड़ता था। व्यापार विहार में नया सर्वसुविधायुक्त पंजीयन कार्यालय शुरू होने के बाद उनके लिए पंजीयन संबंधी काम कराना अधिक सुविधाजनक हो गया है।

उन्होंने नए कार्यालय में उपलब्ध बेहतर व्यवस्थाओं और सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि इससे पंजीयन का पूरा अनुभव पहले की तुलना में सहज हुआ है।

ढाई वर्षों में 34 नए पंजीयन कार्यालय स्वीकृत

पंजीयन सेवाओं को नागरिकों के और नजदीक पहुंचाने के लिए प्रदेश में कार्यालयीन अधोसंरचना और मानव संसाधन का विस्तार किया जा रहा है। विभाग के अनुसार पिछले ढाई वर्षों में 34 नए पंजीयन कार्यालय स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही पंजीयन अधिकारियों के 78 नए पद सृजित किए गए हैं।

रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े जिलों में सब-रजिस्ट्रारों की संख्या में तीन गुना वृद्धि की गई है। नए कार्यालयों और अधिकारियों की संख्या बढ़ने से नागरिकों को अपने क्षेत्र के नजदीक पंजीयन सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

पंजीयन व्यवस्था में दिख रहा बदलाव

मोहम्मद जावेद का अनुभव बताता है कि पंजीयन व्यवस्था में सुधार केवल रजिस्ट्री तक सीमित नहीं है। ऑटोम्यूटेशन से रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया आसान हुई है, जबकि नए कार्यालयों के विस्तार से नागरिकों की पंजीयन सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर हो रही है।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से पंजीयन विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर इन सुधारों के जमीनी प्रभाव और सुझावों को सामने ला रहा है। मोहम्मद जावेद के लिए इस बदलाव का सीधा लाभ तहसील के चक्कर से राहत, समय की बचत और नए पंजीयन कार्यालय में बेहतर सुविधा के रूप में सामने आया।

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