नई दिल्ली,18 जुलाई 2026

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को अमेरिका ने लगातार सातवें दिन ईरान पर हवाई हमले किए। हमलों के दौरान तेहरान, बंदर अब्बास और केश्म द्वीप सहित कई इलाकों में जोरदार विस्फोट हुए, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि ये कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की गई। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है और क्षेत्र में सभी सैन्य विकल्प खुले रखना है।

हमलों के दौरान दक्षिणी ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत में भी विस्फोट की खबरें सामने आईं। बताया गया कि अहवाज़ के बाहरी इलाके में एक मिसाइल गिरी।

वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत और बहरीन की दिशा में मिसाइलें दागने तथा बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाने का दावा किया। संभावित हमलों की आशंका को देखते हुए सऊदी अरब में अमेरिकी एयर बेस और प्रमुख तेल पाइपलाइन टर्मिनलों पर हाई अलर्ट घोषित किया गया।

इस बीच ईरानी समाचार एजेंसी IRIB के अनुसार, मेजर जनरल मोहसेन रेज़ाई ने कहा कि ईरान अब केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने मध्य पूर्व में व्यापक संघर्ष की आशंकाओं को और बढ़ा दिया।

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