विशेष लेख

धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक

अशोक कुमार चंद्रवंशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी

रायपुर,23 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा हरित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए सीड बॉल अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी के माध्यम से उन क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने का प्रभावी प्रयास है, जहां पारंपरिक तरीके से पौधारोपण करना कठिन होता है।

सीड बॉल मिट्टी, जैविक खाद (गोबर या वर्मीकम्पोस्ट) और विभिन्न वृक्षों के बीजों से तैयार किया गया छोटा गोलाकार गोला होता है। मानसून के दौरान इसे जंगलों, पहाड़ियों, खाली भूमि और दुर्गम क्षेत्रों में फेंका जाता है। वर्षा का पानी मिलने पर बीज अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं, जिससे प्राकृतिक रूप से हरियाली का विस्तार होता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में एक पेड़ मां के नाम, वन महोत्सव और युवा फॉर नेचर जैसे अभियानों के साथ सीड बॉल कार्यक्रम को भी बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इसमें स्कूलों, महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

अभियान के तहत महुआ, इमली, हर्रा, बहेड़ा, जामुन, करंज, नीम, बरगद, पीपल, आम, शाल, बीजा, चार और खमार जैसी स्थानीय प्रजातियों के बीजों का उपयोग किया जा रहा है। इससे जैव विविधता का संरक्षण, वन्यजीवों के लिए भोजन और आश्रय तथा प्राकृतिक वनों के विस्तार को बढ़ावा मिल रहा है।

सीड बॉल अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण, मिट्टी के कटाव में कमी, कार्बन अवशोषण और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कम लागत में अधिक क्षेत्र को हरित बनाने की यह एक प्रभावी और टिकाऊ पहल मानी जा रही है।

वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वर्षा ऋतु के दौरान अधिक से अधिक सीड बॉल तैयार कर उपयुक्त स्थानों पर डालें और पौधारोपण अभियान में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

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