वॉशिंगटन,23 जुलाई 2026
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर लगातार 12वीं रात ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। अमेरिका का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की समुद्री हमले करने की क्षमता को कमजोर करना और अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी जहाज पर हमला हुआ, तो अमेरिका ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा व्यापार के लिए अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर है।
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरानी सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन दागे। कुवैत ने दावा किया कि उसका एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक रहा है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट पर हैं।
इसी बीच ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में नया मोर्चा खोल दिया है। हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया। उनका आरोप है कि इन जहाजों ने उनकी घोषित समुद्री नाकेबंदी का उल्लंघन किया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कच्चे तेल की कीमतों पर व्यापक असर पड़ सकता है। मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव पूरी दुनिया की चिंता का विषय बना हुआ है।


