रायपुर,17 जुलाई 2026

मारुति सुजुकी ने रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के उस आदेश को चुनौती देने का फैसला किया है, जिसमें कंपनी को ग्राहक की ग्रैंड विटारा कार बदलने या पूरी कीमत लौटाने का निर्देश दिया गया था। कंपनी का कहना है कि संबंधित वाहन E20 ईंधन पर चलने के लिए पूरी तरह सक्षम है और आयोग के आदेश में कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर विचार नहीं किया गया।

कंपनी के अनुसार, जांच में वाहन के ईंधन में मिलावट के स्पष्ट सबूत मिले हैं। इसी आधार पर वह कानूनी प्रक्रिया के तहत उच्च मंच पर अपील करेगी।

यह मामला रायपुर निवासी डॉ. प्रेमराज देवता की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि नई कार खरीदने के कुछ महीनों बाद वाहन में लगातार तकनीकी खराबी आने लगी। कई बार मरम्मत और टंकी की सफाई के बावजूद समस्या दूर नहीं हुई। बाद में उन्होंने ईंधन की लैब जांच कराई, जिसके आधार पर उपभोक्ता फोरम ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया।

आयोग ने मारुति सुजुकी और डीलर को 45 दिनों के भीतर नई E20 अनुकूल कार देने या ₹20,50,494 की पूरी राशि लौटाने का आदेश दिया था। साथ ही मानसिक प्रताड़ना के लिए ₹1 लाख और वाद व्यय के रूप में ₹10,000 देने का निर्देश भी दिया गया था। समय पर भुगतान नहीं करने पर 7 प्रतिशत ब्याज भी देय होगा।

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