प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से बदली किसानों की किस्मत, मछली पालन बना अतिरिक्त आमदनी का मजबूत जरिया है
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से महासमुंद जिले के करीब 150 किसानों को मछली पालन, हैचरी और पाउंड लाइनर जैसी गतिविधियों से आय के नए अवसर मिल रहे हैं। बिरकोनी के दिनेश चन्द्राकर और बकमा के हिमांशु चंद्राकर जैसे किसान योजना का लाभ लेकर आत्मनिर्भरता और समृद्धि की मिसाल पेश कर
विशेष लेख: आधुनिक और नगदी फसलों की खेती ने बदली छत्तीसगढ़ के किसानों की तकदीर
छत्तीसगढ़ में खेती अब पारंपरिक धान उत्पादन तक सीमित नहीं रही। फसल विविधीकरण, आधुनिक कृषि तकनीक, बागवानी, मत्स्य पालन और नगदी फसलों के विस्तार से किसानों की आय के नए रास्ते खुले हैं। सरकार की योजनाओं और कृषि यंत्रीकरण से खेत से बाजार तक कृषि की तस्वीर बदल रही है।
खेत बना आय का केंद्र, युवा किसान अंकित लकड़ा ने मछली पालन, मुर्गी पालन और बागवानी से तैयार किया एकीकृत कृषि मॉडल
जशपुर के युवा किसान अंकित लकड़ा ने पारंपरिक धान की खेती को मछली पालन, मुर्गी पालन, बागवानी और बहुफसली खेती से जोड़कर एकीकृत कृषि मॉडल तैयार किया है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिली 8 लाख रुपये की अनुदान सहायता ने उनके नवाचार को विस्तार देने में मदद की।
मछली बीज उत्पादन से किसान रयतु राम बने आत्मनिर्भर, दो माह में कमाए 30 हजार रुपये
बस्तर के किसान रयतु राम ने मछली बीज उत्पादन अपनाकर दो माह में 30 हजार रुपये की आय अर्जित की। शासकीय योजनाओं और तकनीकी मार्गदर्शन से अब वे व्यवसाय विस्तार की तैयारी कर रहे हैं।
आधुनिक खेती और मजबूत योजनाओं से बदलेगी किसानों की तस्वीर, छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र को मिली नई गति
कृषि मंत्री रामविचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, डीबीटी के जरिए हजारों करोड़ की सहायता, आधुनिक कृषि तकनीकों और उद्यानिकी, पशुपालन व मत्स्य पालन में उल्लेखनीय प्रगति से कृषि क्षेत्र को नई गति मिली है।
स्पान संवर्धन योजना से बस्तर की मनकी बघेल बनीं आत्मनिर्भर, दो महीने में कमाए 15 हजार रुपये
बस्तर की महिला किसान मनकी बघेल ने छत्तीसगढ़ सरकार की स्पान संवर्धन योजना का लाभ लेकर महज दो महीने में 15 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की। अब परिवार मत्स्य अंगुलिका उत्पादन का विस्तार करने की तैयारी में है।


