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मुख्यमंत्री साय ने आत्मसमर्पित दंपत्ति की दुकान से खरीदी पानी की बोतल, कहा- यही है नए बीजापुर की तस्वीर

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रायपुर, 2 जून 2026

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला एक छोटी-सी किराना दुकान के सामने रुक गया। यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी, जिनकी संघर्ष और बदलाव की कहानी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

मुख्यमंत्री दुकान के भीतर पहुंचे और दोनों से आत्मीयता से बातचीत की। उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदी और उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है।

बंदूक से रोजगार तक का सफर

मासा तामो और जयमोती दोनों का जीवन संघर्षों से भरा रहा। परिस्थितियों के चलते दोनों नक्सली संगठन से जुड़ गए थे और वर्ष 2021 में उनका विवाह हुआ। समय के साथ उन्होंने महसूस किया कि हिंसा का रास्ता उनके और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए उचित नहीं है। इसके बाद अक्टूबर 2025 में दोनों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

पुनर्वास योजना बनी नई जिंदगी का आधार

आत्मसमर्पण के बाद दोनों को बीजापुर पुनर्वास केंद्र में विभिन्न सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया। शासन की योजनाओं से जोड़कर उनके राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक खाता सहित अन्य जरूरी दस्तावेज बनवाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसकी मदद से उन्होंने कोण्डापल्ली में किराना दुकान शुरू की।

सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़े कदम

मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान दंपत्ति ने बताया कि दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है। उन्होंने सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा तामो और जयमोती की कहानी बदलते बस्तर की जीवंत तस्वीर है। यह दर्शाता है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकता है।

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