दुर्ग | 1 जून 2026

जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और आम जनता के साथ अशिष्ट व्यवहार के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई दुर्ग संभाग के आयुक्त द्वारा जारी आदेश के तहत की गई।

जानकारी के अनुसार, कलेक्टर दुर्ग ने 30 मई 2026 को भेजे गए प्रस्ताव में CEO रूपेश कुमार पाण्डेय के निलंबन की अनुशंसा की थी। आरोप है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान उन्होंने नागरिकों के साथ अनुचित व्यवहार किया।

मामले से संबंधित वीडियो क्लिप के परीक्षण में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। इसके बाद आयुक्त कार्यालय ने 30 मई को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन अधिकारी द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।

इसके चलते छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

आदेश में कहा गया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोक सेवकों का आम नागरिकों के प्रति शिष्ट व्यवहार अनिवार्य है। अशिष्टता और कर्तव्य में लापरवाही को सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना गया है।

निलंबन अवधि के दौरान अधिकारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

वहीं प्रशासनिक कार्यों के सुचारु संचालन के लिए महेन्द्र कुमार जांगड़े, प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ जनपद पंचायत दुर्ग के CEO का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

आयुक्त सत्य नारायण राठौर द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

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