रायपुर, 17 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने गौरेला विकासखंड के दुर्गम बैगा आदिवासी बाहुल्य ग्राम छिरहिट्टी (साल्हेघोरी) में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने गांव पहुंचकर 164 ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार, परामर्श और दवाइयों का वितरण किया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम, समय पर रोगों की पहचान और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था। जांच के दौरान जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिली।
शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ और मेडिसिन विशेषज्ञ सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, खंड चिकित्सा अधिकारी गौरेला तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाला कोई भी नागरिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। विशेष रूप से विशेष पिछड़ी जनजातियों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की पहुंच सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक स्वयं पहुंचकर उपचार उपलब्ध कराना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसे विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि बीमारियों की समय पर पहचान, उपचार और आवश्यकता पड़ने पर गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जा सके। साथ ही ग्रामीणों को स्वच्छता, पोषण, मौसमी बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि दुर्गम बैगा अंचलों तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की पहुंच यह दर्शाती है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। ऐसे शिविर न केवल लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति विश्वास और जागरूकता भी मजबूत कर रहे हैं।


