रायपुर,23 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद और चिप्स (CHiPS) के सीईओ मयंक अग्रवाल ने गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य डिजिटल नवाचारों के माध्यम से सुशासन को सशक्त बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सचिव अंकित आनंद ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल राज्य का सबसे बड़ा एकीकृत डिजिटल नागरिक सेवा मंच बन चुका है। वर्तमान में 35 विभागों की 564 सेवाएं इस पोर्टल पर उपलब्ध हैं। पिछले ढाई वर्षों में 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 लाख से अधिक का सफल निराकरण किया जा चुका है। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, QR कोड आधारित वेरिफिकेशन, SMS-व्हाट्सएप सूचना और ऑनलाइन भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

उन्होंने बताया कि वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। जनवरी 2024 से अब तक 1,273 मोबाइल टावर शुरू किए जा चुके हैं। वहीं भारतनेट फेज-III के लिए ₹3,928 करोड़ की स्वीकृति मिली है, जिससे ग्राम पंचायतों तक हाई-स्पीड इंटरनेट और FTTH कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी।

युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए CM IT Fellowship शुरू की गई है। IIIT नया रायपुर के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम के तहत 50 चयनित स्थानीय युवाओं को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यानुभव दिया जा रहा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि विभाग द्वारा विकसित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म सुशासन को नई मजबूती दे रहे हैं। खनिज ऑनलाइन 2.0 के माध्यम से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ₹30,311.80 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, पारस पोर्टल, बस्तर मुन्ने पोर्टल, IWMMS और डिजिटल द्वार जैसी पहलें प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता बढ़ा रही हैं।

भविष्य की तकनीकों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने CG-AIM (छत्तीसगढ़ AI मिशन) की शुरुआत की है। इसके तहत AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और AI डेटा लैब की स्थापना की जाएगी, जिससे कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए STPI के साथ ₹105.3 करोड़ की लागत से चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्थापित किए जाएंगे। इनमें Artificial Intelligence, MedTech, Smart City Solutions और Smart Agriculture जैसे क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित किया जाएगा।

सचिव अंकित आनंद ने कहा कि राज्य सरकार क्लाउड फर्स्ट नीति लागू कर रही है, जिससे डेटा सुरक्षा, सुरक्षित क्लाउड सेवाओं और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि विभाग की कई परियोजनाओं को राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक केवल शासन को आधुनिक बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी साधन है। सरकार AI, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

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