रायपुर,3 अक्टूबर 2026
सेवा संकल्प अभियान के तहत पंजीयन विभाग द्वारा किए गए सुधारों से महिलाओं को संपत्ति पंजीयन में आर्थिक राहत के साथ प्रक्रियाओं को आसान बनाने का लाभ मिल रहा है। दंतेवाड़ा की चंचल कुमारी पाल ने पंजीयन शुल्क में मिली छूट और आसान नामांतरण प्रक्रिया से मिले अपने अनुभव साझा किए हैं।
महिलाओं के नाम अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है। यानी महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत मिल रही है। इससे महिलाओं के नाम संपत्ति का पंजीयन कराने पर होने वाला खर्च कम हुआ है।
चंचल कुमारी पाल ने बताया कि पंजीयन शुल्क में मिली छूट से संपत्ति पंजीयन का खर्च कम हुआ और उन्हें आर्थिक राहत मिली। उन्होंने महिलाओं के लिए लागू इस व्यवस्था को उपयोगी पहल बताया।
आसान हुआ नामांतरण का काम
पंजीयन शुल्क में राहत के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को भी सरल किया गया है। चंचल कुमारी ने बताया कि पहले नामांतरण से जुड़े काम में परेशानी होती थी और प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता था। अब प्रक्रिया अधिक सहज और तेजी से पूरी होने से संपत्ति संबंधी कार्य आसान हुआ है।
पंजीयन और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने से नागरिकों के समय और अनावश्यक कार्यालयीन दौड़भाग को कम करने में मदद मिल रही है।
महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी को प्रोत्साहन
महिलाओं के लिए पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत से उन्हें आर्थिक राहत मिलने के साथ उनके नाम संपत्ति के पंजीयन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से उनकी आर्थिक सुरक्षा को मजबूती मिलने की बात कही गई है।
चंचल कुमारी पाल ने पंजीयन शुल्क में राहत और नामांतरण प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
पंजीयन विभाग के अनुसार, सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजनाओं और सुधारों के जमीनी प्रभाव की जानकारी तथा उनके सुझाव भी लिए जा रहे हैं।


