मेरठ (उत्तर प्रदेश), 29 अप्रैल 2026

उत्तर प्रदेश को आज बड़ी सौगात मिलने जा रही है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। मेरठ के बिजौली गांव से प्रयागराज के जुडापुर दांदू तक फैला यह देश का सबसे लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए खोला जाएगा। इसके शुरू होने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सफर पहले के मुकाबले काफी तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा, वहीं यात्रा का समय भी कई घंटों तक कम होगा।

12 जिलों को जोड़ने वाला मेगा प्रोजेक्ट, विकास को मिलेगी रफ्तार
यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 जिलों को जोड़ेगा, जिससे करीब 519 गांव सीधे लाभान्वित होंगे। इस प्रोजेक्ट को प्रदेश के आर्थिक विकास की लाइफलाइन माना जा रहा है, क्योंकि इससे व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और किसानों को अपने उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

हाई-टेक सुविधाएं और एयरस्ट्रिप बनी खास पहचान
गंगा एक्सप्रेसवे को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जिसमें पेट्रोलिंग, एम्बुलेंस, ट्रॉमा सेंटर और स्मार्ट निगरानी प्रणाली शामिल है। शाहजहांपुर के पास 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप भी बनाई गई है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के लड़ाकू विमान उतर सकेंगे। वहीं टोल दरें भी तय की गई हैं, जिसमें कार-जीप के लिए लगभग 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर शुल्क रहेगा। यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को आर्थिक और रणनीतिक रूप से भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

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