रायपुर, 28 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर के निर्माण की आकांक्षा को व्यापक जनभावना से जोड़ने और समाज को एकजुट करने में श्रद्धेय अशोक सिंघल जी का योगदान अविस्मरणीय है। मुख्यमंत्री आज रायपुर के वीआईपी रोड स्थित निरंजन धर्मशाला में अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने अशोक सिंघल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और समाज, संस्कृति एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल जी का संपूर्ण जीवन समाज को संगठित करने, सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय स्वाभिमान को मजबूत करने के लिए समर्पित रहा। वे कुशल संगठनकर्ता थे और समाज की सामूहिक शक्ति में उनका अटूट विश्वास था।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण की आकांक्षा को जनभावना से जोड़ने में अशोक सिंघल जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आज अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं। इस उपलब्धि के पीछे अनेक पीढ़ियों का संघर्ष, तप, त्याग और समर्पण जुड़ा है, जिसमें अशोक सिंघल जी का योगदान भी महत्वपूर्ण अध्याय है।
प्रभु श्रीराम और छत्तीसगढ़ का संबंध अत्यंत आत्मीय
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम से छत्तीसगढ़ का संबंध केवल आस्था का नहीं, बल्कि अत्यंत गहरा और आत्मीय है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। वनवास काल में प्रभु श्रीराम ने छत्तीसगढ़ की धरती पर लंबा समय व्यतीत किया। माता शबरी की भक्ति से जुड़ी शिवरीनारायण सहित प्रदेश के अनेक स्थान रामायणकालीन स्मृतियों और जनआस्था को संजोए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि इसी आत्मीय संबंध के कारण अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा का अवसर छत्तीसगढ़ के लिए विशेष भावनात्मक महत्व रखता था। उस समय पूरे प्रदेश में उत्सव और उल्लास का वातावरण था। छत्तीसगढ़ से 11 ट्रक सुगंधित चावल अयोध्या भेजकर प्रदेशवासियों ने अपनी श्रद्धा अर्पित की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इसी आस्था को ध्यान में रखते हुए श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की है। योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से रामलला के दर्शन कर चुके हैं और यह क्रम जारी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अशोक सिंघल जी का जन्म शताब्दी वर्ष उनके विराट व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण करने के साथ नई पीढ़ी को उनके जीवन से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर है। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि दृढ़ संकल्प, संगठन और समाज के प्रति समर्पण के माध्यम से व्यापक परिवर्तन की दिशा में कार्य किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के तीन दिवसीय समारोह का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की धरती से होना प्रदेशवासियों के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित संतों को नमन करते हुए कहा कि संतों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन समाज को सदैव सही दिशा प्रदान करता है।
कार्यक्रम में संत परमात्मानंद जी महाराज, संत युधिष्ठिर लाल जी, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अम्बरीश, टोपलाल वर्मा, राजाराम, कुलवंत सिंह सैनी सहित संतगण, देश-विदेश से आए पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


