रायपुर, 28 सितंबर 2026
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ ने अपने प्राकृतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन किया गया।
आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स, होम-स्टे संचालक, पर्यटन संस्थाओं और विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में बीटूबी बैठकों के जरिए नए टूर पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी, पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया पर्यटन की संभावनाएं
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे। उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की बस्तर की जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत, राजिम, भोरमदेव और बारनवापारा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य पर्यटन के जरिए स्थानीय युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण तथा कारीगरों और कलाकारों को बाजार उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने रायपुर की निर्माणाधीन फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र में पर्यटन विकास जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।
400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां पर्यटन मंडल से जुड़ीं
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य प्रदेश के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना और देश-विदेश के पर्यटन कारोबारियों के साथ व्यावसायिक संबंध मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई जैसे शहरों में रोड शो और राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में सहभागिता के जरिए छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का प्रचार किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ चुकी हैं।
पर्यटन से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने पर्यटन को रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़कर आय के नए अवसर तैयार करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संपदा को बेहतर पर्यटन उत्पादों और पैकेज में बदलकर दूसरे राज्यों एवं देशों के साथ पर्यटन साझेदारी विकसित की जानी चाहिए।
AI और डिजिटल तकनीक से पर्यटन को वैश्विक पहुंच
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम ‘Digital Agenda and Artificial Intelligence to Redesign Tourism’ के संदर्भ में प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए पर्यटन संबंधी जानकारी, डिजिटल प्रचार, कंटेंट निर्माण और पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाया जा सकता है।
प्रस्तुतीकरण में चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।
पर्यटन मंडल के अनुसार 82 होम-स्टे लाभार्थियों के 280 से अधिक कमरों की पहचान की गई है। इसके अलावा डिजिटल रिजर्वेशन के लिए पर्यटन मंडल की वेबसाइट और मोबाइल ऐप तथा निवेशक बैठकों और रोड शो के जरिए बाजार पहुंच बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। सिरपुर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान, शक्तिपीठ कॉरिडोर और डेस्टिनेशन साइनेज जैसी पहलें भी प्रगति पर हैं।
बीटूबी बैठकों से नए टूर पैकेज और साझेदारी की संभावना
आयोजन में ट्रैवल एजेंट्स और अन्य पर्यटन हितधारकों के बीच बीटूबी बैठक हुई। इसमें छत्तीसगढ़ केंद्रित पर्यटन पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी और पर्यटकों को प्रदेश में लाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
इससे भविष्य में नए टूर पैकेज, होटल-होमस्टे सेवाओं की मांग, स्थानीय परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय खान-पान से जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
पर्यटन क्षेत्र के उत्कृष्ट हितधारकों का सम्मान
कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हितधारकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए। बेस्ट टूरिज्म डिस्ट्रिक्ट प्रमोशन अवार्ड गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को और बेस्ट इको टूरिज्म साइट अवार्ड तक्षक भोरमदेव को दिया गया।
इसके अलावा बेस्ट होटल, बेस्ट टूर ऑपरेटर, बेस्ट टूरिज्म स्टार्टअप, बेस्ट एडवेंचर टूर ऑपरेटर और बेस्ट होम-स्टे सहित विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। विजेताओं को ₹11,000 की राशि का चेक, मोमेंटो और प्रमाण-पत्र दिया गया।
‘धनपुर’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पुरातात्विक स्थल धनपुर पर आधारित कॉफी टेबल बुक ‘धनपुर’ का विमोचन किया। यह प्रकाशन जिले की पुरातात्विक और विरासत संपदा को पर्यटन के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है।
‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ के जरिए छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कारोबारियों से जोड़ने का मंच मिला। आयोजन में बने व्यावसायिक संपर्कों के जरिए नए पर्यटन पैकेज, निवेश, पर्यटकों की आवाजाही और स्थानीय रोजगार एवं अर्थव्यवस्था से जुड़े अवसर विकसित होने की संभावना जताई गई।


