रायपुर, 1 अक्टूबर 2026
सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महतारी वंदन योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जशपुर जिले की श्रीमती सरिता यादव के लिए योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता आर्थिक संबल बनी है। योजना की राशि के साथ अपनी मेहनत से की जा रही आयमूलक गतिविधियों के जरिए अब वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
सरिता बताती हैं कि पहले घर की छोटी-बड़ी आर्थिक जरूरतों के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। नियमित आय का साधन नहीं होने के कारण त्योहारों और विशेष अवसरों पर अतिरिक्त जरूरतें पूरी करना मुश्किल होता था। सीमित संसाधनों में खर्च का प्रबंधन उनके लिए बड़ी चुनौती था।
महतारी वंदन ने दिया सहारा, मेहनत से बढ़ी आय
महतारी वंदन योजना से जुड़ने के बाद सरिता को हर माह ₹1,000 की नियमित आर्थिक सहायता मिलने लगी। इस राशि से उन्हें अपनी जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक सहारा मिला। इसके साथ ही उन्होंने स्वयं को आयमूलक गतिविधियों से जोड़कर अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाए।
आज योजना से मिलने वाली सहायता और अन्य आयमूलक गतिविधियों से उनकी मासिक आय करीब ₹10 से ₹12 हजार तक हो जाती है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और वे घर की आवश्यकताओं को पहले की तुलना में अधिक सहजता से पूरा कर पा रही हैं।
त्योहारों पर कम हुई चिंता, खुशियां हुईं दोगुनी
सरिता के लिए आर्थिक बदलाव का असर त्योहारों और विशेष अवसरों पर भी दिखाई देता है। पहले पर्व-त्योहार आने पर अतिरिक्त खर्च की चिंता रहती थी, लेकिन अब अपनी आय होने से परिवार की जरूरतें पूरी करने में पहले जैसी परेशानी नहीं होती।
अपनी कमाई से घर-परिवार के लिए कुछ कर पाने की खुशी ने उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है।
“अब अपने पैरों पर खड़ी हूं”
श्रीमती सरिता यादव कहती हैं, “हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि से मैं अपने घर की आर्थिक जरूरतों को पूरा कर पाती हूं। इस योजना के कारण मैं आत्मनिर्भर बन पाई हूं और अपने पैरों पर खड़ी हो पाई हूं। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ शासन और विष्णु भैया को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं।”
सरिता यादव की कहानी नियमित आर्थिक सहायता और स्वयं के प्रयासों से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों का उदाहरण है। महतारी वंदन से मिली राशि उनके लिए घर की छोटी-बड़ी जरूरतों में सहारा बनने के साथ अपनी मेहनत से आय बढ़ाने और परिवार के आर्थिक निर्णयों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आत्मविश्वास भी दे रही है।


