रायपुर, 29 सितंबर 2026
परिवार के भीतर संपत्ति हस्तांतरण को आसान और किफायती बनाने के लिए राज्य शासन द्वारा किए गए शुल्क सुधार का लाभ कोरबा जिले के कटघोरा निवासी जयनारायण अग्रवाल को मिला है। उन्होंने अपनी संपत्ति दोनों पुत्रों के नाम दान की, जिसके पंजीयन में शुल्क रियायत के चलते उन्हें करीब 1 लाख 59 हजार रुपये की बचत हुई।
राज्य शासन ने पारिवारिक दानपत्र, हकत्याग पत्र और बंटवारे के पंजीयन शुल्क में बड़ी राहत दी है। इन दस्तावेजों का पंजीयन शुल्क संपत्ति के मूल्य के 0.8 प्रतिशत से घटाकर मात्र 500 रुपये निर्धारित किया गया है।
जयनारायण अग्रवाल ने बताया कि शुल्क में मिली इस सुविधा से उन्हें अपनी संपत्ति दोनों पुत्रों को कम खर्च में हस्तांतरित करने में मदद मिली। उन्होंने इस सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ शासन और पंजीयन विभाग का आभार व्यक्त किया।
राज्य शासन द्वारा पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए विभिन्न सुधार किए जा रहे हैं। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विभाग हितग्राहियों से संवाद कर इन सुधारों के प्रभाव और उनके अनुभव भी जान रहा है।
इस शुल्क सुधार से परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति का दान, हकत्याग और बंटवारा कराने में होने वाला आर्थिक भार कम हुआ है। जयनारायण अग्रवाल को मिली 1.59 लाख रुपये की बचत इसी बदलाव से मिलने वाली प्रत्यक्ष आर्थिक राहत का उदाहरण है।


