रायपुर, 9 अक्टूबर 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति विकसित एवं सशक्त भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बनेगी। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने, अपनी रुचि के अनुरूप लक्ष्य तय करने और पूरी मेहनत एवं समर्पण के साथ उन्हें हासिल करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर के सड्डू में न्यूज 24 और लल्लूराम डॉट कॉम द्वारा आयोजित ‘जेन नेक्स्ट संवाद : यंग माइंड्स, मीनिंगफुल कन्वर्सेशंस’ कार्यक्रम में जेन-जी और जेन-अल्फा के विद्यार्थियों से रूबरू हुए। इस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से जीवन संघर्ष, राजनीति, शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, आर्थिक विकास और जल संरक्षण सहित विभिन्न विषयों पर सवाल किए। मुख्यमंत्री ने सहज और आत्मीय अंदाज में उनके सवालों के जवाब दिए तथा अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बढ़ा भारत का मान-सम्मान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनता की सेवा करते हुए 25 वर्ष पूरे किए हैं। इस अवसर पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान मनाया जा रहा है।

उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता का आह्वान किया था। आज स्वच्छता जनजीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। घर-घर शौचालय बनने से माताओं-बहनों के सम्मान और स्वास्थ्य की रक्षा हुई तथा गांवों को खुले में शौच से मुक्ति मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत सशक्त और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने दुनिया को भारत के सामर्थ्य और दृढ़ इच्छाशक्ति से परिचित कराया है।

उन्होंने अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा हुई और उद्योग जगत ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने साझा की अपने विद्यार्थी जीवन की यादें

युवाओं से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि जब वे जशपुर के बगिया गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते थे, तब पांचवीं बोर्ड की परीक्षा देने के लिए उन्हें दूसरे गांव जाना पड़ता था।

उन्होंने बताया कि उस समय स्कूल भवन कच्चे होते थे और बारिश में छत से पानी टपकता था। आज परिस्थितियां काफी बदल चुकी हैं और छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज 15 मेडिकल कॉलेज हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से वर्तमान में उपलब्ध शिक्षा और सुविधाओं का भरपूर लाभ उठाकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने की अपील की।

“कभी नहीं सोचा था सरपंच भी बनूंगा”

बीबीए छात्र अश्मित शिंदे के सवाल पर मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के संघर्ष साझा किए। उन्होंने बताया कि वे जशपुर के बगिया जैसे छोटे गांव में पले-बढ़े। लगभग 10 वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई।

उन्होंने पढ़ाई के साथ खेती-बाड़ी संभाली और छोटे भाइयों की जिम्मेदारी निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे सरपंच बनेंगे। लेकिन सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ते हुए सरपंच से विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्यमंत्री और मुख्यमंत्री बनने तक प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला।

उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्होंने हमेशा ‘कर्म ही पूजा है’ के सिद्धांत को अपनाया। जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास किया।

समय की कीमत समझें और रुचि के अनुसार लक्ष्य बनाएं

छात्र करण भोसले के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समय की कीमत समझनी चाहिए। विद्यार्थियों का वर्तमान समय अध्ययन और भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी रुचि पहचानकर उसी के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसे हासिल करने के लिए पूरी ऊर्जा से प्रयास करना चाहिए। सपने ही युवाओं को मेहनत करने की प्रेरणा देते हैं।

“जल है तो कल है”, जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील

कक्षा नौवीं के छात्र आदित्य राज तिवारी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि “जल है तो कल है।” उन्होंने कहा कि लगातार गिरता जलस्तर पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के ‘जल संचय-जनभागीदारी’ अभियान का उल्लेख करते हुए युवाओं से वर्षा जल संचयन को घर, स्कूल और समाज में प्रोत्साहित करने की अपील की।

उन्होंने कोरिया जिले के 5 प्रतिशत मॉडल और राजनांदगांव में सोक पिट निर्माण का उल्लेख करते हुए जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

2047 तक छत्तीसगढ़ को नई आर्थिक ऊंचाई पर ले जाने का लक्ष्य

छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के कक्षा 11वीं के छात्र मितांश सिंह ने प्रदेश के आर्थिक विकास को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न राज्य है और इन संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर प्रदेश की आय बढ़ाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

शिक्षा को संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ रही नई शिक्षा नीति

छात्रा सानिया परवीन के प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित हैं। इनमें प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और अधोसंरचना को बेहतर किया जा रहा है। पीएमश्री योजना में छत्तीसगढ़ के 341 स्कूल शामिल हैं, जहां स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। इसका उद्देश्य शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उसे संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ना है।

युवाओं के साथ भक्ति गीत सुने, प्रतिभाओं का किया सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने युवाओं के साथ ‘भजन क्लबिंग’ के तहत आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत भक्ति गीतों का आनंद लिया।

मुख्यमंत्री ने खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले युवाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में गणमान्य नागरिकों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts