रायपुर, 19 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की गीदम प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति ने तेंदूपत्ता विक्रय में 38 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया है। 16 जुलाई 2026 को आयोजित ऑनलाइन निविदा में समिति के तेंदूपत्ते को 10,909 रुपये प्रति मानक बोरा तक की ऐतिहासिक कीमत प्राप्त हुई।
राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा आयोजित ऑनलाइन निविदा में समिति का तेंदूपत्ता 10,609 रुपये और 10,909 रुपये प्रति मानक बोरा की रिकॉर्ड दर पर बिका। यह गीदम समिति के इतिहास में तेंदूपत्ता विक्रय की अब तक की सबसे अधिक कीमत है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे वनाश्रित परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता बताया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया और गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली का लाभ अब सीधे तेंदूपत्ता संग्रहकों तक पहुंच रहा है।
करीब 4 हजार संग्रहक परिवारों को मिलेगा बोनस
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि तेंदूपत्ता रिकॉर्ड दर पर बिकने से समिति को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी, जिसका लाभ बोनस के रूप में समिति से जुड़े करीब 4 हजार तेंदूपत्ता संग्रहक परिवारों को मिलेगा। इससे वनाश्रित परिवारों की आय में वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत बनेगी।
डिजिटल व्यवस्था से बढ़ी भुगतान में पारदर्शिता
राज्य सरकार द्वारा तेंदूपत्ता संग्रहण, बोनस, छात्रवृत्ति, बीमा और अन्य लघु वनोपज योजनाओं में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से संग्रहकों के बैंक खातों में राशि सीधे जमा की जा रही है, जिससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध हुई है।
सामूहिक प्रयासों से मिली ऐतिहासिक सफलता
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि के लिए मुख्य वन संरक्षक, दंतेवाड़ा वनमंडलाधिकारी, जिला लघु वनोपज सहकारी संघ, समिति के पदाधिकारियों, फड़ मुंशियों तथा सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से गीदम समिति ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य सरकार वनाश्रित परिवारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तेंदूपत्ता और अन्य लघु वनोपज के माध्यम से उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार कार्य करती रहेगी।


