नई दिल्ली,4 सितम्बर 2026
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 4 सितंबर 2026 को GSLV-F17 के जरिए EOS-05 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से हुए इस प्रक्षेपण के बाद उपग्रह को निर्धारित कक्षा में स्थापित किया गया।
EOS-05 को पृथ्वी अवलोकन और जियो-इमेजिंग के लिए डिजाइन किया गया है। यह करीब 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई से भारत का लगातार विहंगम दृश्य उपलब्ध कराने में सक्षम होगा।
मिशन निदेशक थॉमस कुरियन के अनुसार, यह GSLV द्वारा GTO या सब-GTO कक्षा में प्रक्षेपित किया गया अब तक का सबसे भारी उपग्रह है। इस मिशन के साथ GSLV ने अपना 19वां मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया।
EOS-05 की लगभग वास्तविक समय में इमेजिंग क्षमता भारत की निगरानी व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों और देश के विभिन्न हिस्सों की निगरानी में मदद मिल सकती है।
GSLV-F17 की ऊंचाई 51.7 मीटर और लिफ्टऑफ मास 420.5 टन है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने मिशन की सफलता पर ISRO को बधाई देते हुए कहा कि भारत की अंतरिक्ष क्षमताएं नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।


