रायपुर,20 जुलाई 2026
राजधानी रायपुर के सरस्वती नगर थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में झुलसे 22 वर्षीय मोहम्मद शाकिब की सात दिन तक इलाज चलने के बाद मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने उसके दोस्तों पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शराब पार्टी के बहाने घर से बुलाया
परिजनों के अनुसार, 12 जुलाई की शाम शाकिब का स्कूल का दोस्त सोनू (18) उसे शराब पार्टी का बहाना बनाकर घर से अपने साथ ले गया। दोनों सुयश अस्पताल के पीछे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास स्थित खाली मैदान पहुंचे, जहां किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने शाकिब और उसकी बाइक पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। घटना में उसकी बाइक भी पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
इलाज के दौरान सात दिन बाद मौत
घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से झुलसे शाकिब को अस्पताल में भर्ती कराया। सात दिनों तक इलाज चलने के बाद रविवार को उसकी मौत हो गई।
बहन ने लगाया हत्या का आरोप
मृतक की बहन शहरबान ने बताया कि शाकिब और सोनू के बीच पहले एक वाहन को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई थी। उनका आरोप है कि सोनू ने अपने साथियों के साथ मिलकर शाकिब को बुलाया और वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक युवक ने स्वीकार किया था कि उसकी गलती से शाकिब आग की चपेट में आया।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा
घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि शाकिब बाइक पर बैठा था, तभी उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
मृतक के चचेरे भाई मोहम्मद वाजिद अली ने आरोप लगाया कि घटना के बाद से परिवार लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। उनका कहना है कि पुलिस ने घटनास्थल का समुचित निरीक्षण नहीं किया और कार्रवाई धीमी रही।
पुलिस का बयान
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर संबंधित युवकों से पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


