सलाखों के पीछे बदली जिंदगी: आजीवन कारावास काट रहे विमल ने 12वीं प्रथम श्रेणी से पास कर रचा नया इतिहास
दुर्ग केंद्रीय जेल में शिक्षा ने बंदियों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। 103 बंदियों ने विभिन्न परीक्षाओं में सफलता हासिल की, जबकि आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे विमल ने 12वीं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होकर आत्मपरिवर्तन और पुनर्वास की मिसाल पेश की।
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