गरियाबंद में वन विभाग की बड़ी सफलता: केरावाहारा में तेंदुआ सुरक्षित पकड़ा गया, टला बड़ा खतरा
गरियाबंद जिले के केरावाहारा गांव में पिछले एक महीने से दहशत का कारण बने तेंदुए को वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गरियाबंद में भारी बारिश का कहर, उदंती नदी पर निर्माणाधीन पुल ढहा
गरियाबंद में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण उदंती नदी पर बन रहा करीब 9 करोड़ रुपये का निर्माणाधीन पुल ढह गया। पुल के गिरने से छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच संपर्क परियोजना प्रभावित हुई है।
नवापारा राजिम में बाढ़ का कहर, भगवान कुलेश्वर महादेव मंदिर तक पहुंचा पानी
लगातार हो रही तेज बारिश के कारण नवापारा राजिम के त्रिवेणी संगम में जलस्तर बढ़ गया है। भगवान कुलेश्वर महादेव मंदिर तक पानी पहुंचने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे बसे इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
CM साय पहुंचे अमलीपदर की रथयात्रा: भगवान जगन्नाथ का लिया आशीर्वाद, मंच से विकास योजनाओं की बरसात; प्रशासन पर नाराज दिखे युवराज पांडे
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गरियाबंद के अमलीपदर में आयोजित भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में शामिल होकर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने फरसरा-केंदुपाटी मार्ग पर पुल निर्माण के लिए ₹6 करोड़ की मंजूरी देने के साथ ही सुपेबेड़ा जलप्रदाय योजना के लिए स्वीकृत ₹7 करोड़ की योजना का
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 23 जुलाई को गरियाबंद के अमलीपदर जाएंगे, श्री जगन्नाथ मंदिर में करेंगे पूजा-अर्चना और दर्शन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 23 जुलाई को गरियाबंद जिले के अमलीपदर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचेंगे। वे यहां भगवान श्री जगन्नाथ की पूजा-अर्चना एवं दर्शन करेंगे। दौरे के बाद मुख्यमंत्री उसी दिन रायपुर लौटेंगे।
गरियाबंद में दर्दनाक हादसा: बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मासूम भाई-बहन की मौत
गरियाबंद जिले के कोपरा नगर पंचायत में बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरने से मासूम भाई-बहन की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है।
79 साल बाद भी अंधेरे में 5 पंचायतें: बिजली-पानी के लिए आदिवासी अब खून से PM मोदी को लिखेंगे चिट्ठी, 10 जून को महा बैठक
गरियाबंद जिले के राजापड़ाव क्षेत्र की 5 ग्राम पंचायतें आज भी बिजली, सड़क, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। नाराज आदिवासियों ने 10 जून को महा बैठक बुलाकर खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने का फैसला किया है।


