विशेष लेख: जंगल की महक से बाजार की पहचान तक पहुंचा महुआ, जशपुर में मिल रहा नया स्वरूप
जशपुर में महुआ को पारंपरिक वन उपज से आधुनिक खाद्य उत्पाद में बदलने की दिशा में काम हो रहा है। जशप्योर और जय जंगल के प्रयासों से महुआ आधारित उत्पाद बाजार तक पहुंच रहे हैं, जिससे जनजातीय परिवारों और महिला स्वसहायता समूहों के लिए आजीविका की नई संभावनाएं बन रही
महुआ से बदली महिलाओं की तकदीर: वन धन योजना से मिली आत्मनिर्भरता और नई पहचान
वन धन विकास केंद्र योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ की आदिवासी और ग्रामीण महिलाएं महुआ से मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। प्रशिक्षण, आधुनिक प्रसंस्करण और बेहतर बाजार उपलब्ध होने से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।


