कोलकाता/गुवाहाटी, 31 मई 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी से नेताओं के इस्तीफों का दौर लगातार जारी है और अब इसकी आंच असम तक पहुंच गई है। असम टीएमसी अध्यक्ष अभिजीत मजूमदार ने प्रदेश अध्यक्ष पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है।
अभिजीत मजूमदार ने अपना इस्तीफा ई-मेल के माध्यम से पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को भेजा। इस्तीफे में उन्होंने पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि टीएमसी की छवि केवल मुस्लिमों की पार्टी बनकर रह गई है और पश्चिम बंगाल में भी पार्टी सिर्फ एक समुदाय के हितों के लिए काम कर रही है।
मजूमदार ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में उनके लिए पार्टी के साथ आगे काम करना संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि असम में भी टीएमसी व्यापक जनसमर्थन हासिल करने में असफल रही है और उसकी पहचान एक विशेष समुदाय तक सीमित होकर रह गई है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, चुनावी हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता जा रहा है। भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों में कई नेताओं पर कार्रवाई होने तथा गिरफ्तारियों के बाद संगठन में असहजता का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से 125 से अधिक पार्षद टीएमसी छोड़ चुके हैं, जबकि 180 से ज्यादा नेताओं के खिलाफ विभिन्न मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, बारासात से सांसद Kakoli Ghosh Dastidar भी समय-समय पर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जाहिर करती रही हैं।
असम टीएमसी अध्यक्ष के इस्तीफे को पार्टी के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे पूर्वोत्तर भारत में संगठन की स्थिति पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।


