रायपुर,29 सितंबर 2026

खेल प्रतिभाओं से समृद्ध छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों को पहचान, प्रशिक्षण और बड़े मंच तक पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सरकार के अनुसार, खेल केवल प्रतियोगिता जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, परिश्रम, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निर्माण का भी जरिया है।

गांव और जनजातीय क्षेत्रों से निकल रही प्रतिभाएं

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजन किए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बस्तर संभाग के सात जिलों में आयोजित प्रतियोगिताओं में पिछले आयोजनों के दौरान 3.91 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है। इन आयोजनों के जरिए स्थानीय युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है।

खेल बजट बढ़ा, अधोसंरचना पर जोर

वित्तीय वर्ष 2026-27 में खेल एवं युवा कल्याण विभाग का बजट 304 करोड़ रुपए किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान है। ग्रामीण और ब्लॉक स्तर के खेल क्लबों को आधारभूत सामग्री एवं वित्तीय सहायता देने के लिए छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना में 57 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

इसके अलावा कुनकुरी, रायगढ़ और रायपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं। नवा रायपुर में करीब 67 करोड़ रुपए की लागत से तीरंदाजी अकादमी और पंडरापाट में पहाड़ी कोरवा समुदाय की तीरंदाजी प्रतिभा को निखारने के लिए करीब 18 करोड़ रुपए की अकादमी विकसित किए जाने की जानकारी दी गई है।

खिलाड़ियों को सम्मान के साथ रोजगार का अवसर

राज्य खेल अलंकरण के माध्यम से खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है। वर्ष 2026 में 666 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को 1.74 करोड़ रुपए से अधिक की पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि दिए जाने का उल्लेख किया गया है। वहीं 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची जारी कर उनके लिए शासकीय सेवा में नियुक्ति का रास्ता खोलने की जानकारी दी गई है।

हॉकी लीग से 2036 ओलंपिक तक की तैयारी

छत्तीसगढ़ में हॉकी को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय हॉकी लीग की तैयारी की गई है। इसमें छह फ्रेंचाइजी टीमें भाग लेंगी। टीमों में स्थानीय खिलाड़ियों के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मार्की खिलाड़ी भी शामिल होंगे। दीर्घकालिक लक्ष्य 2036 ओलंपिक के लिए राज्य से विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करना बताया गया है।

खेलो इंडिया से भी मिल रहा मंच

केंद्र सरकार की खेलो इंडिया जैसी पहल से देशभर में खिलाड़ियों को प्रतियोगिता और प्रशिक्षण के अवसर मिल रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्ट में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू द्वारा भी खेलो इंडिया से छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिल रहे अवसरों का उल्लेख किया गया है।

छत्तीसगढ़ में बस्तर से सरगुजा तक आयोजित खेल गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी बढ़ने से ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिल रहा है। प्रशिक्षण, खेल अधोसंरचना, पुरस्कार और रोजगार से जुड़े प्रयासों के जरिए खिलाड़ियों को राज्य से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

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