रायपुर, 30 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल के माध्यम से प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों और जनसेवाओं की राज्य स्तरीय समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टरों से योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका प्रभाव धरातल पर दिखाई दे। योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पारस पोर्टल के जरिए योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित निगरानी के साथ विभागों तथा जिला प्रशासन के बीच बेहतर अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कई विकास परियोजनाओं में एक से अधिक विभागों की अनुमति, सहभागिता या सहयोग आवश्यक होता है। ऐसे में विभाग अलग-अलग स्तर पर काम करने के बजाय समन्वित दृष्टिकोण अपनाएं। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी और समय एवं लागत दोनों की बचत होगी।
एग्रीस्टैक में हर पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन
मुख्यमंत्री ने एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक को केवल धान खरीदी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण व्यवस्था है।
कलेक्टरों को विशेष अभियान चलाकर एग्रीस्टैक और डीसीएस से संबंधित लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। किसी भी वास्तविक किसान को धान विक्रय या शासन की अन्य योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण की जिलेवार प्रगति की भी समीक्षा की। पीछे चल रहे जिलों को निर्धारित समय-सीमा में सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश दिए गए। कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक जल्द पहुंचे राहत
बैठक में प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि भारी बारिश से 17 जिलों के 500 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं और बस्तर संभाग के जिलों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ा है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को जनहानि, मकान, पशुधन, अनाज और अन्य संपत्तियों की क्षति का सर्वेक्षण शीघ्र पूरा करने तथा पात्र प्रभावित परिवारों तक सहायता राशि जल्द पहुंचाने के निर्देश दिए।
उन्होंने राहत और स्वास्थ्य शिविरों का सुचारू संचालन, प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता तथा हैंडपंपों के क्लोरीनीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा। नागरिकों को पानी उबालकर पीने के लिए जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए।
बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों, सड़कों और अन्य सार्वजनिक अधोसंरचनाओं का आकलन कर शासन को तत्काल जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि मरम्मत और पुनर्निर्माण की कार्रवाई जल्द शुरू की जा सके। पात्र प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया।
पीएम सूर्य घर योजना में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए इसके क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक परिवारों को योजना से जोड़कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
उन्होंने वेंडर्स की संख्या बढ़ाने, सोलर दीदियों को प्रोत्साहित करने और हितग्राहियों के लिए ऋण की उपलब्धता आसान बनाने के निर्देश दिए। जिलों में बैंकिंग सुविधा, वेंडर चयन और सोलर संयंत्र स्थापना की पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज बनाने के लिए कलेक्टरों को व्यक्तिगत रुचि लेने के निर्देश दिए गए।
सड़क और पुल-पुलियों के लंबित कार्यों की बाधाएं होंगी दूर
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत संचालित सड़क, पुल और पुलिया निर्माण कार्यों की परियोजनावार समीक्षा की। भूमि संबंधी प्रकरणों और जिला स्तर पर लंबित प्रक्रियाओं का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों और प्रमुख मार्गों से जोड़ने वाली स्वीकृत सड़कों का निर्माण समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया। वन विभाग या अन्य विभागों की अनुमति से जुड़ी बाधाओं को अंतर्विभागीय समन्वय से प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम पंचायतों में आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने विकसित भारत जी-रामजी योजना की समीक्षा करते हुए ग्राम पंचायतों में आधारभूत अधोसंरचना से जुड़े आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि गांवों में बुनियादी अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण ग्रामीण अर्थव्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण
मुख्यमंत्री ने सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन से जुड़े प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं और आवेदनों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुशासन की महत्वपूर्ण कसौटी है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लोगों को छोटी-छोटी सेवाओं और समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
हर महीने अंतिम मंगलवार को होगी राज्य स्तरीय समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारस पोर्टल प्रदेश में प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों और जनसेवाओं की राज्य स्तरीय समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि समीक्षा का उद्देश्य केवल प्रगति की जानकारी लेना नहीं, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं की पहचान कर उनका समाधान करना और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाएं कागजों और आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक प्रभाव धरातल पर दिखाई दे। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और स्वीकृत विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे हों।
बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल एवं राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


