नई दिल्ली,2 अक्टूबर 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मछार से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की और विमान में हुई घटना की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित की बहादुरी और साहस की सराहना करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
बताया गया है कि कैप्टन स्मित मछार ने अपनी जान जोखिम में डालकर फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हाईजैक और क्रैश होने से बचाया। घटना के दौरान विमान के को-पायलट ने उन पर चाकू से हमला किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रिपोर्ट के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान करीब 32 हजार फीट की ऊंचाई पर ओमान के रहने वाले को-पायलट ने विमान को हाईजैक और क्रैश करने की कोशिश की। उसने कैप्टन स्मित पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने और स्थिति को नियंत्रित करने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्री और क्रू सदस्य कॉकपिट तक पहुंचे और आरोपी को काबू करने में मदद की। अन्य पायलटों ने भी विमान का नियंत्रण संभालने में सहयोग किया। विमान सुरक्षित लैंड हुआ और सभी लोग सुरक्षित बताए गए।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने 1 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कैप्टन स्मित की बहादुरी की प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था कि कैप्टन स्मित ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद साहस दिखाया और दूसरों की जान बचाने का दृढ़ संकल्प बनाए रखा।
कैप्टन स्मित मछार ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रार्थनाओं, समर्थन और शुभकामनाओं के लिए लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि एक पायलट के तौर पर वह अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे और उस समय उनके लिए यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण थी।
फिलहाल कैप्टन स्मित मछार का इलाज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में चल रहा है।


