रायपुर, 3 अक्टूबर 2026
‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत रायगढ़ जिले के पुसौर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विशाल निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिले के विभिन्न गांवों से पहुंचे 3493 लोगों की नेत्र जांच की गई। जांच के बाद 3165 जरूरतमंदों को निःशुल्क चश्मे और करीब 800 लोगों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं।
वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने शिविर का अवलोकन किया। उन्होंने हितग्राहियों को अपने हाथों से चश्मे पहनाए और शिविर में सेवाएं देने वाले चिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र एवं शाल भेंटकर सम्मानित किया।
शिविर में लोगों की सुविधा के लिए 14 पंजीयन काउंटर बनाए गए थे। महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग पंजीयन की व्यवस्था की गई। 10 से अधिक नेत्र विशेषज्ञों और 38 नेत्र सहायकों ने जांच में सहयोग किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह 9 बजे से लगातार सेवाओं में जुटी रही।
एनएसएस और स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों ने वालंटियर के रूप में पंजीयन, जांच और चश्मा वितरण में लोगों की मदद की। शिविर में आने वाले लोगों के लिए छाया, पेयजल, भोजन और स्वल्पाहार की भी व्यवस्था की गई।
समय-समय पर स्वास्थ्य जांच जरूरी
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने नेत्र जांच, चश्मा वितरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।
श्री चौधरी ने कहा कि आंखों की समय पर जांच बेहद जरूरी है, खासकर बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याएं कई बार समय पर सामने नहीं आतीं, जिसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बीमारी के लक्षण सामने आने का इंतजार करने के बजाय नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की आदत विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गांवों में ऐसे शिविरों की आवश्यकता है, जहां लोगों को जांच, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत सेवा को केवल उत्सव तक सीमित रखने के बजाय जरूरतमंदों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
वित्त मंत्री ने शिविर को सफल बनाने में योगदान देने वाले चिकित्सकों, नेत्र सहायकों, स्वास्थ्य विभाग, एनएसएस, स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों और प्रशासनिक अमले की सराहना की। उन्होंने पांच हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए। वन विभाग की ओर से पीपल के पौधे भी वितरित किए गए।
550 से अधिक पंचायतों से लोगों को शिविर तक लाया गया
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि शिविर को लेकर पिछले सात दिनों से ग्राम पंचायतों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। जिले की 550 से अधिक ग्राम पंचायतों से लोगों को शिविर तक लाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई।
उन्होंने बताया कि निजी चिकित्सकों को भी शिविर से जोड़ा गया, जिन्होंने सुबह से लगातार सेवाएं दीं। जिले के शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत करीब 45 हजार बच्चों की नेत्र जांच भी की जा रही है।
कलेक्टर ने कहा कि कई बार बच्चों की आंखें कमजोर होने के बावजूद उन्हें स्वयं इसकी जानकारी नहीं होती। ऐसे में समय पर जांच कर समस्या की पहचान करना जरूरी है।
हितग्राहियों को एक ही स्थान पर मिली जांच और चश्मे की सुविधा
शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने निःशुल्क नेत्र जांच और तत्काल चश्मा मिलने की सुविधा पर खुशी जताई।
झारमुड़ा की सतरूपा पटेल ने बताया कि उन्हें रोजमर्रा के काम में दूर की चीजें देखने में परेशानी होती थी, लेकिन जांच कराने का अवसर नहीं मिल पा रहा था। शिविर में जांच के बाद चश्मा मिलने से अब उन्हें पढ़ने-लिखने और दैनिक कार्यों में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
बायंग की योगिता महंत ने बताया कि कंप्यूटर पर काम करने के दौरान उन्हें सिरदर्द की समस्या होती थी। जांच के बाद चश्मा मिलने से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है। ग्राम बुनगा की पार्वती मैत्री ने भी नेत्र जांच और चश्मे की सुविधा मिलने पर खुशी जताई।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष मानी मोहित सतपथी, जनपद पंचायत अध्यक्ष हेमलता चौहान, जिला पंचायत सदस्य बृजेश गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, चिकित्सक, एनएसएस एवं स्काउट-गाइड के विद्यार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


