रायपुर, 04 अक्टूबर 2026

बस्तर में आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों को अब कृत्रिम हाथ-पैर और सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर को आईईडी विस्फोटों की पीड़ा से बाहर निकालने के लिए सरकार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। इसी उद्देश्य से बस्तर संभाग में दो चरणों में विशाल निःशुल्क दिव्यांग सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

जगदलपुर में 5, 6 और 7 अक्टूबर को पहला तीन दिवसीय शिविर आयोजित होगा। इसमें बस्तर, कांकेर, नारायणपुर और कोंडागांव जिले के दिव्यांगजन शामिल होंगे। वहीं दंतेवाड़ा में 15, 16 और 17 अक्टूबर को दूसरा शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले के हितग्राहियों को लाभ मिलेगा।

इन शिविरों में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर के तकनीकी सहयोग से जरूरत के अनुसार जयपुर फुट, कृत्रिम हाथ, कैलिपर्स और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

जगदलपुर शिविर के लिए 2,953 दिव्यांगजन चिन्हांकित

जगदलपुर में आयोजित होने वाले शिविर के लिए चार जिलों में कुल 2,953 दिव्यांगजन चिन्हांकित किए गए हैं। इनमें बस्तर के 1,570, कोंडागांव के 1,080, कांकेर के 236 और नारायणपुर के 67 दिव्यांगजन शामिल हैं।

समाज कल्याण विभाग के सहयोग से शिविर में श्रवण यंत्र, वैशाखी, स्मार्ट छड़ी, वॉकिंग स्टिक, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, कैलिपर्स सहित दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के उपयोगी उपकरण भी वितरित किए जाएंगे।

आईईडी पीड़ितों को मिलेगी विशेष प्राथमिकता

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि आईईडी विस्फोटों में कई आम नागरिकों और सुरक्षाबलों के जवानों ने अपने हाथ-पैर गंवाए हैं। ऐसे लोगों का जीवन बचने के बाद भी उन्हें लंबे समय से दिव्यांगता के साथ कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

सरकार का प्रयास है कि आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग उपलब्ध कराया जाए। शिविर में ऐसे पीड़ितों को विशेष रूप से चिन्हांकित किया जाएगा।

जयपुर फुट और कृत्रिम हाथ समेत मिलेंगे उपकरण

आईईडी विस्फोट से दिव्यांग हुए नागरिकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम पैर यानी जयपुर फुट, कृत्रिम हाथ और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा अन्य कारणों से दिव्यांग हुए लोग भी शिविर का लाभ ले सकेंगे।

विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण और नाप लेकर आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग तैयार किए जाएंगे। पुराने या क्षतिग्रस्त कृत्रिम अंगों की मरम्मत की सुविधा भी शिविर में उपलब्ध रहेगी।

ग्राम पंचायत से जिला स्तर तक पंजीयन

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बस्तर संभाग के दिव्यांगजनों और विशेष रूप से आईईडी विस्फोट पीड़ितों से शिविर में पहुंचने की अपील की है। हितग्राही अपने जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

ग्राम सभाओं में भी ऐसे हितग्राहियों के नाम ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से पंजीकृत कर जनपद और जिला पंचायत तक पहुंचाए जाएंगे। यदि किसी कारणवश पूर्व पंजीयन नहीं हो पाया है, तो जरूरतमंद व्यक्ति सीधे शिविर में भी पहुंच सकते हैं।

शिविर में आने वाले हितग्राहियों के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी।

आईईडी प्रभावितों के साथ खड़ी है सरकार

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास केवल बस्तर को आईईडी के भय से मुक्त करना ही नहीं, बल्कि आईईडी विस्फोटों से प्रभावित लोगों के जीवन की कठिनाइयों को भी कम करना है।

उन्होंने कहा कि दोनों शिविरों के माध्यम से समूचे बस्तर में आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य बस्तर में आईईडी विस्फोटों के दंश को समाप्त करने के साथ प्रभावित लोगों को सम्मानजनक और सुगम जीवन की ओर आगे बढ़ाना है।

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