छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों के लिए हर शनिवार अवकाश की व्यवस्था होने के बावजूद लोक अभियोजन निदेशालय के कर्मचारियों को अब तक इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसे लेकर विभाग के कर्मचारियों ने सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई है।

कांग्रेस शासनकाल में राज्य सरकार ने महीने के प्रत्येक शनिवार को अवकाश घोषित किया था और कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक निर्धारित किया गया था। इस निर्णय का कर्मचारियों ने स्वागत भी किया था, लेकिन लोक अभियोजन निदेशालय के अभियोजन अधिकारियों को आज तक यह सुविधा नहीं मिल सकी है।

सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों में शासन ने शनिवार की छुट्टी जारी रहने की पुष्टि की है, लेकिन व्यवहार में इसे लागू नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

विभाग का तर्क है कि अभियोजन अधिकारियों का कार्यभार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 19 और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 25 के तहत निर्धारित होता है, इसलिए उनकी कार्यप्रणाली सामान्य प्रशासनिक आदेशों से अलग है।

इधर कर्मचारियों का कहना है कि जब मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम से जारी आदेश सभी कर्मचारियों पर लागू होता है, तो अभियोजन विभाग को इससे अलग क्यों रखा जा रहा है। उनका मानना है कि शनिवार का दिन परिवार के साथ बिताने के लिए होना चाहिए, लेकिन उन्हें अब भी कार्यालय आने के लिए बाध्य किया जा रहा है।

अब इस मामले में प्रथम अपीलीय अधिकारी केएस गावस्कर के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं, जिससे स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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