Supreme Court of India आज आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों पर दायर कई याचिकाओं पर अहम फैसला सुनाएगा। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच इस मामले में अपना निर्णय देगी। कोर्ट ने 29 जनवरी को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
मामले में याचिकाकर्ताओं, केंद्र और राज्य सरकारों, Animal Welfare Board of India, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं, डॉग लवर्स और कुत्तों के हमलों से पीड़ित लोगों की ओर से विस्तृत दलीलें पेश की गई थीं। कोर्ट ने सभी पक्षों को लिखित दलीलें दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय भी दिया था।
इससे पहले 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की एक अन्य बेंच ने दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों को आदेश दिया था कि सड़कों से आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में भेजा जाए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को दोबारा सड़कों पर न छोड़ा जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने Animal Welfare Board of India को स्थानीय संगठनों द्वारा नसबंदी और पशु कल्याण कार्यक्रमों के लिए मांगी गई मान्यता पर तेजी से फैसला लेने का निर्देश भी दिया था। अदालत ने साफ कहा था कि यह मामला जनहित से जुड़ा है और इसमें भावनाओं के बजाय लोगों की सुरक्षा और व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।


