25 मई 2026 | पटना

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र से माध्यमिक स्तर पर मैथिली भाषा को एक विषय के रूप में शामिल करने का फैसला लिया है। इस निर्णय के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे मिथिला की सांस्कृतिक पहचान और भाषाई गौरव के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कक्षा 1 से माध्यमिक स्तर तक मैथिली को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता मिलना आने वाली पीढ़ियों को अपनी भाषा, संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय भाषाओं और परंपराओं को नई मजबूती मिल रही है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह फैसला मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को शिक्षा व्यवस्था में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने इसे “ऐतिहासिक और अत्यंत स्वागतयोग्य” बताते हुए कहा कि मैथिली भाषा को CBSE पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने से छात्रों को अपनी मातृभाषा सीखने और क्षेत्रीय संस्कृति को समझने का बेहतर अवसर मिलेगा। इस फैसले को लेकर बिहार और मिथिला क्षेत्र में खुशी का माहौल है तथा इसे भारतीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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