# Tags
#All #अन्य

गंगा एक्सप्रेसवे पर खत्म हुआ मुफ्त सफर, अब सफर करने के लिए देना होगा टोल

15 मई 2026 | लखनऊ

उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे पर अब मुफ्त सफर का दौर खत्म हो गया है। एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को अब टोल टैक्स देना होगा। मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किलोमीटर लंबे इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सरकार ने अलग-अलग वाहन श्रेणियों के लिए नई टोल दरें तय कर दी हैं। इससे अब यात्रियों के सफर का खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है।

चार हिस्सों में होगी टोल वसूली

गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल कलेक्शन को चार मुख्य हिस्सों में बांटा गया है — मेरठ से बदायूं, बदायूं से हरदोई, हरदोई से उन्नाव और उन्नाव से प्रयागराज। प्रत्येक सेक्शन के हिसाब से अलग शुल्क तय किया गया है।

कार, बस और ट्रक के लिए कितना टोल?

मेरठ से प्रयागराज तक पूरे एक्सप्रेसवे पर सफर करने के लिए कार, जीप और वैन चालकों को ₹1800 टोल देना होगा। वहीं बस और ट्रक चालकों के लिए यह शुल्क ₹5720 तय किया गया है। मल्टी-एक्सल भारी वाहनों के लिए टोल ₹8760 तक रखा गया है।

वाहनवार टोल दरें

  • दो/तीन पहिया व ट्रैक्टर – ₹905
  • कार, जीप, वैन (LMV) – ₹1800
  • हल्के कमर्शियल वाहन – ₹2840
  • बस/ट्रक – ₹5720
  • मल्टी-एक्सल वाहन – ₹8760
  • 7 से अधिक एक्सल वाले भारी वाहन – ₹11,275

FASTag होगा अनिवार्य

एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली पूरी तरह FASTag सिस्टम से की जाएगी। बिना FASTag या ब्लैकलिस्टेड FASTag वाले वाहनों से दोगुना शुल्क वसूला जा सकता है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करते हुए पेट्रोलिंग और एम्बुलेंस सेवाओं को सक्रिय किया है।

सफर होगा तेज और आधुनिक सुविधाओं से लैस

गंगा एक्सप्रेसवे बनने से मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे पर पेट्रोल पंप, फूड प्लाजा, एम्बुलेंस सेवा और EV चार्जिंग स्टेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *