26 मई 2026 | बेंगलुरु

कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद और मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को दिल्ली बुलाया है, जिसके बाद राज्य की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें और तेज हो गई हैं। पिछले कई महीनों से डीके शिवकुमार समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग उठा रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया हाल ही में अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। अब सबकी नजरें दिल्ली में होने वाली हाईकमान की बैठक पर टिकी हुई हैं।

डीके शिवकुमार समर्थकों को फैसले का इंतजार

डीके शिवकुमार खेमे के नेताओं का दावा है कि कांग्रेस नेतृत्व सत्ता साझेदारी के पुराने फॉर्मूले को लागू कर सकता है और उन्हें शेष दो वर्षों के लिए मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। पिछले छह महीनों से डीके शिवकुमार लगातार शीर्ष नेतृत्व से सकारात्मक संकेत मिलने की उम्मीद में हैं। वहीं दूसरी ओर सिद्धारमैया समर्थक नेताओं का मानना है कि पार्टी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए उन्हें ही मुख्यमंत्री बनाए रख सकती है और केवल मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया जा सकता है।

मंत्रिमंडल विस्तार और नेतृत्व दोनों पर चर्चा संभव

सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया ने 2028 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव की जरूरत पर जोर दिया है। माना जा रहा है कि कई मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं और डीके शिवकुमार को अतिरिक्त अहम जिम्मेदारियां भी दी जा सकती हैं। हालांकि कांग्रेस हाईकमान के सामने एक लोकप्रिय ओबीसी चेहरे सिद्धारमैया को हटाने का फैसला राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

दिल्ली पहुंचे विधायक और मंत्री, बढ़ा राजनीतिक दबाव

दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के साथ होने वाली बैठकों से पहले कर्नाटक के कई मंत्री, 45 से अधिक विधायक और 10 से ज्यादा एमएलसी भी राजधानी पहुंच चुके हैं। इनमें वे विधायक भी शामिल हैं जो पिछले कई महीनों से मंत्री पद की मांग को लेकर पार्टी नेतृत्व पर दबाव बना रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कर्नाटक कांग्रेस में बड़ा राजनीतिक फैसला सामने आ सकता है।

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