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लाल किला ब्लास्ट केस में NIA की 7500 पन्नों की चार्जशीट, AQIS मॉड्यूल से जुड़े 10 आरोपी नामजद

14 मई 2026 | नई दिल्ली

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में हुए कार बम धमाके मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ 7500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। 10 नवंबर 2025 को हुए इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। एजेंसी ने चार्जशीट नई दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत में दाखिल की है। जांच में सामने आया है कि आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद और अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट से जुड़े थे।

588 गवाह और 395 दस्तावेज शामिल

NIA के अनुसार चार्जशीट में 588 गवाहियों, 395 से अधिक दस्तावेजों और 200 से ज्यादा जब्त सामग्री को सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। एजेंसी ने UAPA, BNS और अन्य कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच जम्मू-कश्मीर, दिल्ली-NCR, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात समेत कई राज्यों में की गई।

मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी की हो चुकी है मौत

चार्जशीट में मुख्य आरोपी पुलवामा निवासी डॉ. उमर उन नबी का नाम भी शामिल है, जिसकी मौत हो चुकी है। वह हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुका था। NIA ने अदालत से उसके खिलाफ आरोप समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है। अन्य आरोपियों में आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजामिल शकील, डॉ. आदिल अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, शोएब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार के नाम शामिल हैं।

‘ऑपरेशन हेवनली हिंद’ के तहत साजिश

जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपियों ने 2022 में श्रीनगर में हुई एक गुप्त बैठक के बाद संगठन को दोबारा सक्रिय किया और ‘ऑपरेशन हेवनली हिंद’ नाम से साजिश शुरू की। NIA के अनुसार इनका उद्देश्य लोकतांत्रिक सरकार को उखाड़कर देश में शरिया कानून लागू करना था। एजेंसी का दावा है कि आरोपी कट्टर जिहादी विचारधारा से प्रभावित थे और देशभर में नेटवर्क फैलाने की योजना बना रहे थे।

IED, हथियार और ड्रोन अटैक की तैयारी

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बाजार में उपलब्ध रसायनों से TATP विस्फोटक तैयार किया और अलग-अलग प्रकार के IED बनाकर उनका परीक्षण किया। आरोपियों के पास AK-47, क्रिंकोव राइफल, देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। NIA के अनुसार आरोपी ड्रोन और रॉकेट आधारित IED तकनीक पर भी काम कर रहे थे, ताकि सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा सके।

समय रहते मॉड्यूल का हुआ भंडाफोड़

NIA ने बताया कि समय रहते इस आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया गया, जिससे बड़े हमलों की साजिश नाकाम हो गई। मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।

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