रायपुर, 1 अक्टूबर 2026

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन सेवाओं में किए गए सुधारों का लाभ अब नागरिकों को सीधे मिल रहा है। सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र के ग्राम जमकानी निवासी श्रीमती साविता पैंकरा ने संपत्ति पंजीयन की नई व्यवस्था का अनुभव साझा किया। उन्हें कम समय में रजिस्ट्री, महिला होने के कारण पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की राहत, रजिस्ट्री के बाद तत्काल नामांतरण और मोबाइल पर रजिस्ट्री की प्रति प्राप्त होने की सुविधा मिली।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल से पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। इन बदलावों से नागरिकों का समय और खर्च कम होने के साथ कार्यालयों की अनावश्यक दौड़भाग भी घट रही है।

पहले अधिक समय लगता था, अब कम समय में पूरी हुई रजिस्ट्री

श्रीमती साविता पैंकरा ने बताया कि पहले संपत्ति पंजीयन की प्रक्रिया में अधिक समय लगता था और कई बार एक दिन में काम पूरा नहीं हो पाता था। नई व्यवस्था में उनकी पंजीयन प्रक्रिया कम समय में पूरी हुई। महिला हितग्राही होने के कारण उन्हें पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत भी मिली।

इससे उन्हें दोहरी राहत मिली। एक ओर रजिस्ट्री शुल्क में बचत हुई, वहीं दूसरी ओर कम समय में प्रक्रिया पूरी होने से अनावश्यक दौड़भाग भी कम हुई।

रजिस्ट्री के साथ नामांतरण से खत्म हुआ अलग प्रक्रिया का इंतजार

पंजीयन के बाद नामांतरण की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के माध्यम से रजिस्ट्री होने के बाद राजस्व अभिलेखों में नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे नागरिकों को नामांतरण के लिए अलग से आवेदन करने और कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है।

श्रीमती साविता पैंकरा को भी इस सुविधा का लाभ मिला और पंजीयन के बाद उनके नाम से नामांतरण की प्रक्रिया तत्काल आगे बढ़ी।

मोबाइल पर मिली रजिस्ट्री की प्रति

पंजीयन प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल से सेवाओं को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाया गया है। आधार आधारित प्रमाणीकरण, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल दस्तावेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पंजीयन शुल्क का भुगतान नेट बैंकिंग और UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से भी किया जा सकता है।

रजिस्ट्री पूरी होने के बाद साविता को पंजीकृत दस्तावेज की प्रति सीधे मोबाइल पर प्राप्त हुई, जिससे दस्तावेज हासिल करने की प्रक्रिया भी आसान हुई।

साविता का अनुभव दिखाता है बदलाव की जमीनी तस्वीर

श्रीमती साविता पैंकरा का अनुभव पंजीयन व्यवस्था में हुए बदलाव की जमीनी तस्वीर प्रस्तुत करता है। कम समय में रजिस्ट्री, महिलाओं को 50 प्रतिशत पंजीयन शुल्क में राहत, ऑटोम्यूटेशन से आसान नामांतरण और मोबाइल पर रजिस्ट्री की प्रति जैसी सुविधाओं ने पूरी प्रक्रिया को अधिक सहज बनाया है।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से पंजीयन विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव भी संकलित कर रहा है। साविता की कहानी बताती है कि तकनीक और प्रक्रिया के सरलीकरण से पंजीयन सेवाएं कम समय, कम खर्च और अधिक सुविधा की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

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