रायपुर,7 अक्टूबर 2026
सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ गांव-गांव और जन-जन तक सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का संदेश पहुंचा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ना है।
7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शासन की जिम्मेदारी संभाली थी। 7 अक्टूबर 2026 को उनकी सार्वजनिक सेवा और शासन यात्रा के 25 वर्ष पूरे हुए। इस अवधि में गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया गया।
‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना का संगम है। ज्योति प्रकाश, ज्ञान, आशा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जबकि कलश मंगल, पवित्रता और शुभ संकल्प का प्रतीक माना जाता है। दोनों के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया जा रहा है।
विकसित भारत-2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास, आधुनिक शहरों और तकनीकी प्रगति तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य ऐसा भारत बनाना है जहां किसान समृद्ध हों, महिलाएं आत्मनिर्भर हों, युवाओं को अवसर मिले, गरीबों को आगे बढ़ने का आधार मिले और बच्चों को बेहतर शिक्षा व पोषण उपलब्ध हो।
अभियान में जनभागीदारी को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताया गया है। स्वच्छता के लिए श्रमदान, पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण, रक्तदान, जल संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता, बेटियों की शिक्षा, माताओं और बच्चों के सुपोषण तथा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे प्रयास विकसित भारत की नींव मजबूत कर सकते हैं।
‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ यह संदेश दे रही है कि सेवा किसी पद की मोहताज नहीं होती। किसान उत्पादन बढ़ाकर, शिक्षक बेहतर शिक्षा देकर, युवा नवाचार और उद्यमिता के जरिए तथा महिलाएं आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकती हैं।
सेवा संकल्प अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा काल के प्रति आभार के साथ-साथ नागरिकों को भविष्य की जिम्मेदारी का भी एहसास कराता है। अभियान का संदेश है कि सेवा को संस्कार, समर्पण को शक्ति और राष्ट्रहित को सर्वोच्च कर्तव्य बनाकर विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना होगा।
वर्ष 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होंगे। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे प्रयासों को साझा राष्ट्रीय उद्देश्य से जोड़ना जरूरी है। सेवा की ज्योति और जनभागीदारी की शक्ति से ही विकसित भारत-2047 का सपना साकार होकर भारत को स्वर्णिम भारत की दिशा में ले जा सकता है।


