रायपुर, 28 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। प्रदेश के कई हिस्सों में आज भी बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम खराब होने के दौरान कुछ इलाकों में अचानक तेज हवा चल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।
इसके अलावा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम खराब होने के दौरान बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की स्थिति बन सकती है।
महादेवघाट पुल से आवाजाही बहाल
लगातार बारिश के बाद नदी-नालों का जलस्तर कम होने लगा है। रायपुर के महादेवघाट पुल से आवाजाही फिर शुरू हो गई है। अमलेश्वर जाने वाला यह रास्ता पिछले दो दिनों से बंद था, जिसे अब बहाल कर दिया गया है।
महादेवघाट में गणेश विसर्जन के लिए फिलहाल केवल समितियों के सदस्यों को प्रवेश दिया जा रहा है।
नदी-नालों में बहने की घटनाएं
प्रदेश में उफनते नदी-नालों के कारण अलग-अलग घटनाओं में कुल 12 लोगों के बहने की जानकारी सामने आई है। इनमें 3 लोगों की मौत हुई है। बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी थी, हालांकि अब कई जगह पानी उतरने लगा है।
बलौदाबाजार के गिधौरी में महानदी का पानी पहुंच गया था। वहीं जगदलपुर के पास डोंगा घाट में फंसे लोगों का हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया। शिवरीनारायण में महानदी का जलस्तर बढ़ने के कारण शबरी सेतु पानी में डूबा रहा।
बारिश के दौरान सावधानी जरूरी
मौसम विभाग और प्रशासन की सलाह के अनुसार गरज-चमक और तेज हवा के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें। पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाली जगहों से दूरी बनाए रखें। मौसम अचानक खराब होने पर वाहन चलाते समय भी विशेष सावधानी बरतें।
सामान्य से 5 फीसदी ज्यादा बारिश
छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 30 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य औसत बारिश 1132.3 मिलीमीटर मानी जाती है। वहीं 26 सितंबर तक 1190.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी थी, जो सामान्य से करीब 5.16 फीसदी अधिक है।


