रायपुर, 29 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानि को न्यूनतम करने के लिए सभी संबंधित विभागों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में परिवहन विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और नगरीय निकायों को मिलकर काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने ‘जीरो फेटेलिटी’ के लक्ष्य की दिशा में दुर्घटना से पहले रोकथाम और दुर्घटना के बाद त्वरित सहायता एवं उपचार, दोनों स्तरों पर व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान, सुरक्षित सड़क संरचना, यातायात नियमों का पालन, वाहनों की फिटनेस, प्रशिक्षित चालकों और दुर्घटना के बाद तत्काल चिकित्सा सहायता पर विशेष जोर दिया।
ब्लैक स्पॉट पर तेजी से होंगे सुधार
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक एवं सुरक्षात्मक कार्य प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। बैठक में बताया गया कि राज्य के 23 ब्लैक स्पॉट में सुधार की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों में तेजी लाने और दुर्घटनाओं के कारणों का नियमित विश्लेषण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। घायल व्यक्ति तक जितनी जल्दी एम्बुलेंस और चिकित्सा सुविधा पहुंचेगी, जीवन बचने की संभावना उतनी ही बढ़ेगी। इसके लिए दुर्घटना की सूचना से लेकर अस्पताल तक पहुंच और उपचार की पूरी व्यवस्था में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया।
राहत और राहवीर योजना का होगा व्यापक प्रचार
मुख्यमंत्री ने दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए पीएम-राहत योजना और राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि पीएम-राहत योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार की सुविधा का प्रावधान है।
वहीं राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय पर मदद करने वाले नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को जागरूक किया जाए कि दुर्घटना देखकर घबराने के बजाय पीड़ित की मदद के लिए आगे आएं।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण, वनांचल और ऐसे दूरस्थ क्षेत्रों को प्राथमिकता से जोड़ा जाए, जहां अभी नियमित सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं है।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में योजना के तहत 13 जिलों के 106 मार्गों पर 107 बसों का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने परिवहन सुविधा से वंचित क्षेत्रों का सर्वे कर नए मार्गों की संभावनाओं का परीक्षण करने को कहा।
कोंटा-जगरगुंडा में 6 घंटे का सफर अब 45 मिनट
बैठक में कोंटा-जगरगुंडा बस सेवा का उदाहरण देते हुए बताया गया कि दुर्गम क्षेत्र में बस सेवा शुरू होने से लोगों का सफर काफी आसान हुआ है। पहले इस यात्रा में करीब 6 घंटे तक लगते थे, जबकि बस सेवा शुरू होने के बाद यह सफर लगभग 45 मिनट में पूरा हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी से लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार तक पहुंच आसान होती है।
पर्यटन स्थलों तक बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर
मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को पर्यटन मिशन से प्रभावी रूप से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन विकसित करने की संभावनाओं पर काम करने को कहा।
उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन बढ़ने के साथ स्थानीय रोजगार और होटल, परिवहन, हस्तशिल्प एवं खान-पान जैसी आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
वाहन फिटनेस जांच होगी और प्रभावी
मुख्यमंत्री ने वाहन फिटनेस जांच व्यवस्था को तकनीक आधारित और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की वर्तमान व्यवस्था और नए केंद्रों की स्थापना पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित फिटनेस जांच से पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। 15 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके वाहनों के नियमानुसार नवीनीकरण और फिटनेस संबंधी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
HSRP और ई-ट्रैक व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाने के अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित चालानों की रिकवरी और अत्याधुनिक चालान प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया।
ड्राइविंग टेस्ट के लिए विकसित की जा रही ई-ट्रैक व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। इसमें CCTV कैमरों और सेंसर आधारित प्रणाली के माध्यम से कम्प्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट की व्यवस्था विकसित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग्य और प्रशिक्षित व्यक्ति ही वाहन चलाएं, इसके लिए ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए।
इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा प्रोत्साहन
बैठक में राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नई तकनीक आधारित परिवहन सुविधाओं के विस्तार और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि परिवहन विभाग की हर व्यवस्था के केंद्र में आम नागरिक की सुरक्षा और सुविधा होनी चाहिए। उन्होंने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक सार्वजनिक परिवहन, सुरक्षित एवं फिट वाहन, प्रशिक्षित चालक, आधुनिक तकनीक और दुर्घटना की स्थिति में तत्काल उपचार जैसे सभी मोर्चों पर प्रभावी ढंग से काम करने के निर्देश दिए।
बैठक में परिवहन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


