एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई 5 जून 2026
अभिनेता वरुण धवन की फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म का निर्देशन डेविड धवन ने किया है, जिन्होंने पहले ‘कुली नंबर 1’, ‘बीवी नंबर 1’ और ‘जुड़वा’ जैसी कई हिट कॉमेडी फिल्में दी हैं। हालांकि इस बार उनकी कॉमेडी दर्शकों को प्रभावित करने में नाकाम नजर आती है।
फिल्म की कहानी जस (वरुण धवन), उसकी पत्नी बानी (मृणाल ठाकुर) और प्रेमिका प्रीत (पूजा हेगड़े) के इर्द-गिर्द घूमती है। शादी के पांच साल बाद जस और बानी का रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच जाता है। इसी दौरान जस की जिंदगी में प्रीत की एंट्री होती है और कहानी में तब बड़ा मोड़ आता है जब दोनों महिलाएं लगभग एक साथ अपनी गर्भावस्था की खबर लेकर उसके सामने पहुंच जाती हैं।
इसके बाद फिल्म में गलतफहमियों, प्रेम त्रिकोण और छिपाने-दिखाने का सिलसिला शुरू होता है। हालांकि कहानी में नया कुछ भी देखने को नहीं मिलता। फिल्म का प्लॉट 90 के दशक की बॉलीवुड कॉमेडी फिल्मों की याद दिलाता है, लेकिन आधुनिक दर्शकों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाता।
फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी कमजोर पटकथा है। कई दृश्य अविश्वसनीय लगते हैं और हास्य पैदा करने की कोशिशें भी प्रभाव छोड़ने में असफल रहती हैं। हालांकि वरुण धवन पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ अपने किरदार को निभाते नजर आते हैं।
मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े के किरदार कहानी में महत्वपूर्ण होने के बावजूद सीमित नजर आते हैं। वहीं मनीष पॉल, जिमी शेरगिल, चंकी पांडे, राजेश शर्मा, राकेश बेदी और मौनी रॉय ने अपने हिस्से की भूमिकाओं को बेहतर बनाने की कोशिश की है।
फिल्म का सकारात्मक पक्ष इसके विजुअल्स और संगीत हैं। लंदन और ऋषिकेश की खूबसूरत लोकेशंस स्क्रीन पर आकर्षक लगती हैं। वहीं ‘चुनरी चुनरी’, ‘मुझसे शादी करोगी’ और ‘है जवानी तो इश्क होना है’ जैसे पुराने हिट गाने कुछ समय के लिए मनोरंजन का माहौल बनाने में सफल रहते हैं।
कुल मिलाकर, ‘है जवानी तो इश्क होना है’ एक ऐसी फिल्म है जो पुरानी बॉलीवुड कॉमेडी के फॉर्मूले को दोहराती है, लेकिन दर्शकों को हंसाने और बांधे रखने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाती।


