महासमुंद, 30 सितंबर 2026
उम्र के इस पड़ाव में कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाना और लंबी प्रक्रियाओं से गुजरना बुजुर्गों के लिए मुश्किल हो सकता है। महासमुंद जिले के ग्राम बम्हनी निवासी 81 वर्षीय श्रीमती सोनकुंवर के लिए अपने पुत्र श्री रवि राम पाल के नाम जमीन का दानपत्र कराना आसान रहा। पारिवारिक संपत्ति के दानपत्र पर पंजीयन शुल्क अब केवल 500 रुपये होने से उनके परिवार को 6,600 रुपये से अधिक की प्रत्यक्ष बचत हुई।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद के दौरान श्रीमती सोनकुंवर ने पंजीयन प्रक्रिया से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उम्रदराज लोगों के लिए संपत्ति से जुड़े कार्यों में बार-बार कार्यालय जाना परेशानी का कारण बन सकता है। सरल प्रक्रिया और कम शुल्क से उन्हें आर्थिक राहत के साथ-साथ अनावश्यक दौड़भाग से भी सहूलियत मिली।
पारिवारिक दानपत्र का शुल्क 0.8 प्रतिशत से घटकर 500 रुपये
राज्य शासन द्वारा पारिवारिक दानपत्र, हक त्याग पत्र और बंटवारे के पंजीयन शुल्क में महत्वपूर्ण राहत दी गई है। पहले इन दस्तावेजों पर संपत्ति मूल्य के आधार पर 0.8 प्रतिशत पंजीयन शुल्क लिया जाता था, जिसे घटाकर अब केवल 500 रुपये निर्धारित किया गया है।
श्रीमती सोनकुंवर के मामले में भी इसी शुल्क सुधार का लाभ मिला। कम खर्च में पारिवारिक संपत्ति का हस्तांतरण पूरा होने से उनके परिवार को 6,600 रुपये से अधिक की बचत हुई। सोनकुंवर और उनके पुत्र रवि राम पाल ने शुल्क में मिली राहत तथा पंजीयन प्रक्रिया में मिली सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ शासन और पंजीयन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
ऑनलाइन सुविधाओं से पंजीयन प्रक्रिया हुई आसान
पंजीयन विभाग द्वारा प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ तकनीक आधारित सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। ऑनलाइन दस्तावेज तैयार करने, ऑनलाइन शुल्क भुगतान, आधार सत्यापन और डिजिटल माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराने जैसी सुविधाएं नागरिकों को मिल रही हैं।
पंजीयन के बाद नामांतरण की प्रक्रिया भी ऑटोमेशन के माध्यम से आगे बढ़ाई जा रही है। इससे नागरिकों को अलग से आवेदन करने और कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में विभिन्न सुधार किए जा रहे हैं। इन सुधारों का उद्देश्य नागरिकों को कम समय में सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराना और संपत्ति से जुड़े कार्यों में अनावश्यक दौड़भाग को कम करना है।


