नई दिल्ली, 19 अप्रैल 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक पर देश को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद में सरकार द्वारा लाया गया महिला आरक्षण बिल एक “ईमानदार प्रयास” था, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने मिलकर इसकी “भ्रूण हत्या” कर दी। पीएम ने आरोप लगाया कि इस कदम से देश की नारी शक्ति के अधिकारों को ठेस पहुंची है।

विपक्ष पर गंभीर आरोप

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों ने महिला आरक्षण का विरोध कर संविधान की भावना के साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि “ये दल नारी शक्ति और संविधान—दोनों के अपराधी हैं।”

“देशहित बनाम दलहित” पर टिप्पणी

पीएम मोदी ने कहा कि उनके लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन कुछ राजनीतिक दलों के लिए दलहित देशहित से ऊपर हो गया है। उन्होंने कहा कि जब ऐसा होता है, तो उसका सबसे बड़ा नुकसान महिलाओं को उठाना पड़ता है।

“नारी अपमान नहीं भूलती”

प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में जो हुआ वह केवल राजनीतिक विरोध नहीं था, बल्कि नारी सम्मान पर चोट थी। उन्होंने कहा, “नारी बहुत कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती।” उन्होंने यह भी कहा कि देश की महिलाएं इस घटना को याद रखेंगी।

जनता देगी जवाब

पीएम मोदी ने विपक्षी दलों को चेतावनी देते हुए कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने का परिणाम उन्हें जनता के बीच भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि “21वीं सदी की नारी सब देख रही है और समय आने पर जवाब जरूर देगी।”

महिला सशक्तिकरण को लेकर प्रतिबद्धता दोहराई

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में दोहराया कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह कानून किसी से कुछ छीनने के लिए नहीं, बल्कि महिलाओं को उनका अधिकार देने के लिए लाया गया था।

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