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ट्विशा शर्मा का दोबारा पोस्टमार्टम करेगी दिल्ली AIIMS की टीम, हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले में नया मोड़

अभिनेत्री ट्विशा शर्मा मौत मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दिल्ली AIIMS की मेडिकल टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने ट्विशा के परिजनों की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। इस बीच, फरार चल रहे ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने भी अदालत के सामने सरेंडर करने की तैयारी जताई है। उनके वकील ने हाईकोर्ट में यह जानकारी देते हुए अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली। 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, जिसके बाद यह मामला लगातार विवादों और आरोप-प्रत्यारोपों में घिरा हुआ है।

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शुभेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में गलत गिरफ्तारी का दावा, राज सिंह बोले- “मुझे टॉर्चर किया गया, एनकाउंटर की धमकी दी गई”

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी राज सिंह को CBI ने निर्दोष बताते हुए रिहा कर दिया है। जेल से बाहर आने के बाद राज सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्हें गलत पहचान के आधार पर गिरफ्तार किया गया, हिरासत में टॉर्चर किया गया और फर्जी कबूलनामा लेने के लिए एनकाउंटर की धमकी दी गई। राज सिंह का कहना है कि पुलिस ने उन्हें किसी और “राज कुमार सिंह” समझकर पकड़ा था।

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NEET पेपर लीक जांच में RCC इंस्टीट्यूट पर CBI का शिकंजा, 2025 में चयनित 21 में से 19 छात्रों को मिला AIIMS एडमिशन

NEET परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI अब महाराष्ट्र के चर्चित RCC इंस्टीट्यूट पर फोकस कर रही है। इस मामले में RCC इंस्टीट्यूट के संचालक और केमिस्ट्री टीचर शिवराज मोटेगांवकर की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने संस्थान के पुराने रिकॉर्ड्स खंगालना शुरू कर दिया है। CBI यह जांच कर रही है कि क्या पिछले कई वर्षों से परीक्षा प्रश्नपत्र लीक कर छात्रों को फायदा पहुंचाया जा रहा था।

NEET-UG 2026 पेपर लीक केस में दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार, तीसरी गिरफ्तारी की तैयारी तेज

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच के दौरान बड़े खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसी ने इस मामले के दो कथित मास्टरमाइंड – रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और बॉटनी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ – को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी NTA की परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर जुड़े हुए थे और आरोप है कि इन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों तक प्रश्नपत्र और उत्तर पहुंचाने के लिए एक संगठित सिंडिकेट तैयार किया था।

कौन है पीवी कुलकर्णी? NEET 2026 पेपर लीक का ‘मास्टरमाइंड’ बताए जा रहे आरोपी का पूरा बैकग्राउंड आया सामने

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा करते हुए जांच एजेंसियों ने पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है, जिसे इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड माना जा रहा है। पुणे से गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर CBI कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी है। जांच एजेंसियों का दावा है कि कुलकर्णी को NEET परीक्षा के केमिस्ट्री पेपर तक सीधा एक्सेस था और उसी के जरिए पेपर लीक की साजिश को अंजाम दिया गया।

NEET-UG पेपर लीक के बाद सरकार के 6 बड़े फैसले, 21 जून को दोबारा होगी परीक्षा

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दी गई है। अब परीक्षा का दोबारा आयोजन 21 जून 2026 को किया जाएगा। इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर परीक्षा से जुड़े कई बड़े ऐलान किए हैं। उन्होंने माना कि सिस्टम में चूक हुई है और इसकी जिम्मेदारी भी स्वीकार की। साथ ही अभ्यर्थियों को राहत देने और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 6 बड़े फैसलों की घोषणा की गई।

NEET परीक्षा बंद हो, 12वीं के नंबरों पर मिले मेडिकल एडमिशन — पेपर लीक विवाद के बीच CM विजय की दो टूक

NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक विवाद के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार से NEET परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिला छात्रों को उनकी 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर दिया जाना चाहिए, न कि NEET जैसी केंद्रीकृत परीक्षा के जरिए। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि MBBS, BDS और AYUSH कोर्स में प्रवेश के लिए राज्यों को अपने स्तर पर 12वीं के मेरिट आधार पर सीटें भरने की अनुमति दी जाए। विजय ने कहा कि NEET की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों, सरकारी स्कूलों और तमिल माध्यम से पढ़ने वाले गरीब छात्रों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है।

NEET-UG पेपर लीक में बड़ा खुलासा, छात्रों से 2 से 5 लाख रुपये लेने का आरोप

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है कि लीक प्रश्नपत्र यश यादव के माध्यम से राजस्थान के सीकर तक पहुंचाया गया था। सूत्रों के मुताबिक, यश यादव की पहचान विकास बिवाल से थी। जांच में यह भी पता चला कि विकास बिवाल के पिता दिनेश बिवाल ने प्रश्नपत्र की हार्डकॉपी स्कैन कर उसकी PDF फाइल तैयार की थी, जिसके बाद इसे सीकर के कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले कई छात्रों तक पहुंचाया गया। पूछताछ में छात्रों ने बताया कि लीक पेपर के बदले उनसे 2 लाख से 5 लाख रुपये तक लिए गए थे। हालांकि मामले में सामने आए शुभम ने खुद को इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड मानने से इनकार किया है। जांच एजेंसियां अब इस बात की तह तक पहुंचने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र का असली स्रोत क्या था और यह किन-किन लोगों के जरिए अलग-अलग राज्यों तक पहुंचा। जांच में यह भी सामने आया है कि यश खुद परीक्षा पास नहीं कर पाया था और वह BAMS का छात्र है। फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कोचिंग संस्थानों के स्टाफ, छात्रों और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे मनी ट्रेल की जांच में जुटी हुई है।