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NEET पेपर लीक जांच में RCC इंस्टीट्यूट पर CBI का शिकंजा, 2025 में चयनित 21 में से 19 छात्रों को मिला AIIMS एडमिशन

net paper leak

20 मई 2026 | नई दिल्ली

NEET परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI अब महाराष्ट्र के चर्चित RCC इंस्टीट्यूट पर फोकस कर रही है। इस मामले में RCC इंस्टीट्यूट के संचालक और केमिस्ट्री टीचर शिवराज मोटेगांवकर की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने संस्थान के पुराने रिकॉर्ड्स खंगालना शुरू कर दिया है। CBI यह जांच कर रही है कि क्या पिछले कई वर्षों से परीक्षा प्रश्नपत्र लीक कर छात्रों को फायदा पहुंचाया जा रहा था।

2025 के रिजल्ट ने बढ़ाया शक

जांच एजेंसियों के मुताबिक RCC इंस्टीट्यूट से साल 2025 में कुल 21 छात्रों का NEET में चयन हुआ था, जिनमें से 19 छात्रों को देश के प्रतिष्ठित AIIMS संस्थानों में दाखिला मिला था। वहीं 2 छात्रों ने मुंबई के KEM अस्पताल में एडमिशन हासिल किया था। इतने बड़े स्तर पर सफलता मिलने के बाद अब CBI इस पूरे पैटर्न की जांच कर रही है।

पुराने रिकॉर्ड्स और रैंकिंग की हो रही जांच

CBI अब पिछले 4-5 वर्षों के रिजल्ट, छात्रों की रैंक, मार्क्स और चयन प्रक्रिया की गहराई से जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि RCC की सफलता केवल पढ़ाई और ट्रेनिंग का नतीजा थी या फिर इसके पीछे पेपर लीक सिंडिकेट का हाथ था।

मार्केटिंग का बड़ा हथियार थे रिजल्ट

बताया जा रहा है कि RCC इंस्टीट्यूट अपने सफल छात्रों की रैंक और मेडिकल कॉलेज एडमिशन को ही सबसे बड़े प्रचार माध्यम के तौर पर इस्तेमाल करता था। संस्थान की इसी “सफलता” के दम पर पूरे महाराष्ट्र में उसका बड़ा नेटवर्क तैयार हुआ था। अब जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं इस सफलता के पीछे प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।

कौन हैं शिवराज मोटेगांवकर?

RCC इंस्टीट्यूट के संचालक शिवराज मोटेगांवकर को महाराष्ट्र के कोचिंग जगत में “M Sir” के नाम से जाना जाता है। वे लातूर के केमिस्ट्री शिक्षक हैं और उन्होंने RCC Classes (Renukai Chemistry Classes) को राज्य के बड़े NEET-JEE कोचिंग ब्रांड्स में शामिल किया था। CBI की गिरफ्तारी के बाद अब उनका संस्थान भी जांच के दायरे में पूरी तरह आ गया है।

पेपर लीक नेटवर्क के बड़े खुलासों की उम्मीद

CBI को शक है कि यह मामला केवल एक कोचिंग संस्थान तक सीमित नहीं हो सकता और इसके तार परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े बड़े नेटवर्क तक पहुंच सकते हैं। एजेंसी आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा बड़े खुलासे कर सकती है।

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