देशभर में लागू हुए 4 नए लेबर कोड, बदले काम के घंटे, ओवरटाइम और कर्मचारियों के अधिकार
09 मई 2026 | नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने देश की श्रम व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 4 नए लेबर कोड पूरी तरह लागू कर दिए हैं। सरकार द्वारा सभी जरूरी नियमों को राजपत्र में प्रकाशित किए जाने के बाद अब वेज कोड 2019, इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड 2020, सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड 2020 प्रभावी हो गए हैं। इन नए कानूनों के तहत 29 पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर एकीकृत और आधुनिक व्यवस्था लागू की गई है। सरकार का दावा है कि इससे श्रमिकों को अधिक सुरक्षा और कंपनियों को आसान नियमों का लाभ मिलेगा।
नए नियमों के अनुसार अब किसी भी कर्मचारी के लिए सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम तय किया गया है। तय समय से अधिक काम कराने पर ओवरटाइम का भुगतान अनिवार्य होगा। साथ ही सभी कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन का अवकाश देना जरूरी कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक दबाव कम होगा और कार्यस्थल का माहौल बेहतर बनेगा।
नए लेबर कोड के तहत अब हर कर्मचारी को नौकरी के समय लिखित नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा, जिससे नौकरी में पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रमिकों के अधिकार मजबूत होंगे। इसके अलावा 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र के कर्मचारियों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी लागू की गई है। महिलाओं के लिए समान काम पर समान वेतन और बराबरी के अवसर सुनिश्चित करने का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
सरकार ने नौकरी जाने की स्थिति में कर्मचारियों को दोबारा रोजगार योग्य बनाने के लिए नेशनल रीस्किलिंग फंड बनाने का प्रावधान किया है। इस फंड के जरिए प्रभावित कर्मचारियों को नई ट्रेनिंग देकर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। केंद्र सरकार का कहना है कि नए लेबर कोड देश में “प्रो-वर्कर” और “प्रो-ग्रोथ” माहौल तैयार करेंगे, जिससे रोजगार, निवेश और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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