EPFO ने प्राइवेट PF ट्रस्ट्स के लिए लागू किए सख्त नियम, मनमाना ब्याज देने पर भी लगी रोक
11 मई 2026 | नई दिल्ली
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने प्राइवेट और छूट प्राप्त भविष्य निधि ट्रस्ट्स के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है। EPFO ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी करते हुए साफ कहा है कि प्राइवेट ट्रस्ट्स को अपने कर्मचारियों को वही या उससे बेहतर सुविधाएं देनी होंगी, जो EPFO अपने सदस्यों को देता है। नए नियम लगभग 1250 से ज्यादा प्राइवेट ट्रस्ट्स पर लागू होंगे, जो करीब 32 लाख कर्मचारियों की 3.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक की PF बचत को मैनेज करते हैं।
नियम तोड़ने पर रद्द हो सकती है छूट
नई SOP के अनुसार, अगर कोई प्राइवेट ट्रस्ट तय नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसकी ‘छूट प्राप्त संस्थान’ की मान्यता रद्द की जा सकती है। प्राइवेट या छूट प्राप्त संस्थान वे कंपनियां होती हैं, जो कर्मचारियों के PF योगदान को EPFO के केंद्रीय फंड में जमा करने के बजाय अपना अलग PF ट्रस्ट चलाती हैं। इसमें सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों की बड़ी कंपनियां शामिल हैं।
EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने नई SOP को मंजूरी दी है। श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता वाले बोर्ड ने इस नए ढांचे को लागू करने का फैसला लिया है, जिससे पुराने चार अलग-अलग SOP और नियम पुस्तिकाओं को एकीकृत कर अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके।
निष्क्रिय खातों की राशि EPFO में करनी होगी ट्रांसफर
नई SOP में यह भी तय किया गया है कि जिन खातों में लंबे समय से कोई गतिविधि नहीं है या जिन खातों का KYC पूरा नहीं है, उनकी जमा राशि और उस पर मिलने वाला ब्याज EPFO को ट्रांसफर करना होगा। EPFO का कहना है कि इससे कर्मचारियों की बचत अधिक सुरक्षित रहेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
मनमाना ब्याज देने पर लगी सीमा
EPFO ने प्राइवेट ट्रस्ट्स द्वारा कर्मचारियों को मनमाने तरीके से अधिक ब्याज देने पर भी रोक लगा दी है। नए नियम के तहत अब EPFO की तय ब्याज दर से अधिकतम 2 प्रतिशत यानी 200 बेसिस पॉइंट्स तक ही अतिरिक्त ब्याज दिया जा सकेगा। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि कुछ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां अपने कर्मचारियों को 30 से 34 प्रतिशत तक ब्याज देती पाई गई थीं।
बड़ी कंपनियां आती हैं इन नियमों के दायरे में
EPFO की अगस्त 2024 की सूची के अनुसार, जिन प्रमुख कंपनियों के पास छूट प्राप्त PF ट्रस्ट हैं उनमें बोकारो स्टील, जिंदल स्टेनलेस, टीवीएस मोटर, रेमंड, लार्सन एंड टुब्रो, विप्रो, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, BHEL, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और NTPC जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं।
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