पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबरें भ्रामक, सरकार ने किया खंडन
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर सामने आई खबरों पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट स्पष्टीकरण जारी किया है। Ministry of Petroleum and Natural Gas ने इन रिपोर्टों को पूरी तरह भ्रामक बताते हुए कहा है कि फिलहाल कीमत बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
हाल के दिनों में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हो सकती है। इस पर मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी खबरें लोगों में अनावश्यक डर और भ्रम फैलाने के उद्देश्य से प्रसारित की जा रही हैं।
मंत्रालय का बयान
पेट्रोलियम मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि सरकार के स्तर पर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने को लेकर कोई चर्चा या प्रस्ताव नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहां पिछले चार वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई है।
सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए लगातार कदम उठाए हैं।
रिपोर्ट में क्या कहा गया था
Kotak Institutional Equities की एक रिपोर्ट में अनुमान जताया गया था कि मौजूदा परिस्थितियों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25-28 रुपये प्रति लीटर तक वृद्धि आवश्यक हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतें लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिससे तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि सरकारी तेल कंपनियां हर महीने लगभग 27,000 करोड़ रुपये का नुकसान झेल रही हैं और मौजूदा व्यवस्था लंबे समय तक टिकाऊ नहीं है। हालांकि, सरकार ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है।
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