रोहतक से दिल्ली तक 98 किमी का ग्रीन कॉरिडोर: 85 मिनट में पहुंचा धड़कता दिल, युवक को मिली नई जिंदगी
रायपुर, 13 अप्रैल 2026
हरियाणा के रोहतक से दिल्ली तक बनाई गई 98 किलोमीटर लंबी ग्रीन कॉरिडोर की मानवता से भरी कहानी ने एक युवक को नई जिंदगी दे दी। 9 अप्रैल को महज 85 मिनट में डोनर हार्ट को सुरक्षित दिल्ली पहुंचाया गया, जिससे एक 26 वर्षीय मरीज का सफल हार्ट ट्रांसप्लांट संभव हो सका।
ब्रेन डेड मरीज के परिवार ने लिया बड़ा फैसला
रोहतक स्थित पीजीआईएमएस में भर्ती 37 वर्षीय व्यक्ति को ब्रेन हेमरेज के बाद डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। इस कठिन परिस्थिति में भी परिवार ने अंगदान का निर्णय लिया, जो कई लोगों के लिए जीवनदान बन गया।
ग्रीन कॉरिडोर से समय को दी मात
दिल को रोहतक से दिल्ली के ओखला स्थित अस्पताल तक पहुंचाने के लिए विशेष ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। पुलिस प्रशासन ने सड़कों को पूरी तरह खाली कराया, जिससे एम्बुलेंस बिना किसी बाधा के तेजी से आगे बढ़ सकी। सामान्यतः 1.5 से 2 घंटे का सफर इस दौरान सिर्फ 85 मिनट में पूरा हुआ।
सफल रहा हार्ट ट्रांसप्लांट
दिल के दिल्ली पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने तुरंत ऑपरेशन शुरू किया। जटिल सर्जरी के बाद हार्ट ट्रांसप्लांट सफल रहा और मरीज की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
एक डोनर से बचीं कई जिंदगियां
अंगदान के इस फैसले से कई अन्य मरीजों को भी नई जिंदगी मिली। फेफड़े गुरुग्राम, लीवर और पैंक्रियास दिल्ली के अस्पतालों को भेजे गए, जबकि किडनी और कॉर्निया का उपयोग रोहतक में किया गया।
मानवता, तकनीक और सिस्टम का उदाहरण
यह घटना दर्शाती है कि जब प्रशासन, चिकित्सा व्यवस्था और मानवीय संवेदनाएं एक साथ काम करती हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है। ग्रीन कॉरिडोर के जरिए समय से दौड़ जीतकर एक जिंदगी बचाने की यह कहानी प्रेरणादायक बन गई है।
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