‘भारत नो फर्स्ट यूज नीति पर कायम, लेकिन न्यूक्लियर ब्लैकमेल नहीं करेगा बर्दाश्त’ — दक्षिण कोरिया में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
21 मई 2026 | सियोल
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दक्षिण कोरिया दौरे के दौरान भारत की परमाणु नीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। सियोल में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है और ‘नो फर्स्ट यूज’ नीति के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन देश किसी भी प्रकार के “न्यूक्लियर ब्लैकमेल” को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि कई बार भारत के संयम और शांति की नीति को कमजोरी समझ लिया जाता है, जबकि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा।
भारत की परमाणु नीति पर क्या बोले राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमेशा ‘नो फर्स्ट यूज’ नीति का समर्थन किया है और यह नीति सभी देशों को स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की परमाणु नीति जिम्मेदारी और शांति पर आधारित है, लेकिन अगर कोई देश भारत को परमाणु धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश करेगा तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
‘भारत अब सिर्फ सॉफ्ट पावर नहीं’
राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले दुनिया भारत को केवल “सॉफ्ट पावर” के रूप में देखती थी, लेकिन आज भारत वैश्विक समस्याओं का समाधान देने वाली शक्ति बन चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की सुरक्षा नीति और रक्षा रणनीति में बड़ा बदलाव आया है और भारत की नीति अब “रिएक्टिव” नहीं बल्कि “प्रोएक्टिव” हो गई है।
दक्षिण कोरिया के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर
दक्षिण कोरिया दौरे के दौरान राजनाथ सिंह और उनके दक्षिण कोरियाई समकक्ष एह्न ग्यू-बैक के बीच रक्षा साइबरस्पेस, सैन्य प्रशिक्षण और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने को लेकर कई अहम समझौते हुए। दोनों देशों ने रक्षा तकनीक और सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण पर सरकार का फोकस
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने रक्षा उत्पादन, आधुनिक सैन्य तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत रक्षा शक्ति के रूप में उभर रहा है।
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