महिला आरक्षण पर छत्तीसगढ़ में सियासत तेज, डिप्टी CM अरुण साव का कांग्रेस पर बड़ा हमला
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर घमासान, कहा—“ऐतिहासिक गलती, महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी”
रायपुर | 21 अप्रैल 2026
नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बिल पारित नहीं होने देना एक “ऐतिहासिक गलती” है, जिसके लिए राज्य की महिलाएं कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेंगी।
“आधी आबादी के साथ हुआ अन्याय”
रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में मीडिया से चर्चा के दौरान साव ने कहा कि यह देश की आधी आबादी के साथ अन्याय और धोखा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नगरीय निकायों और पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण मिल सकता है, तो विधानसभा और लोकसभा में क्यों नहीं।
विपक्ष पर लगाया षड्यंत्र का आरोप
उप मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले चार दशकों से कांग्रेस और विपक्षी दल महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित रखते आए हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं को अधिकार दिलाने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष ने “षड्यंत्रपूर्वक” बिल को आगे बढ़ने से रोका।
रंजीता रंजन के बयान पर भी निशाना
साव ने कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन के छत्तीसगढ़ दौरे और उनके बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस सांसद ने संसद में इस बिल का विरोध किया, वही अब राज्य में आकर सवाल उठा रही हैं, जो “हास्यास्पद” है।
“महिलाओं को जवाब देना होगा”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को जवाब देना चाहिए कि उनके अधिकारों से उन्हें क्यों वंचित किया गया। साव ने चेतावनी दी कि यह मुद्दा भविष्य में कांग्रेस को भारी पड़ेगा।
विधानसभा में उठेगा मुद्दा
डिप्टी CM ने संकेत दिया कि इस मुद्दे को और मजबूती से उठाने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि महिलाओं के अधिकारों की आवाज और बुलंद की जा सके।
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